दैनिक खबरनामा। शिमला, 14 जुलाई: हिमाचल प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत दी जाने वाली वृद्धावस्था पेंशन में अपने हिस्से को बढ़ाने की अपील की है। इस सिलसिले में राज्य ने केंद्र को औपचारिक प्रस्ताव भी भेज दिया है।
सरकार का तर्क है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन केंद्र की ओर से दी जाने वाली सहायता राशि कई सालों से जस की तस है। इसका अतिरिक्त आर्थिक भार अब राज्य के खजाने पर पड़ रहा है।
अभी कितनी मिलती है केंद्र की मदद
फिलहाल केंद्र 60 से 79 साल के गरीब बुजुर्गों को 200 रुपये और 80 साल या उससे ऊपर के लोगों को 500 रुपये हर महीने देता है।
200 रुपये वाली दर 2007 से और 500 रुपये वाली दर 2011 से लागू है। उसके बाद इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया।
राज्य सरकार दे रही ज्यादा पेंशन
हिमाचल सरकार अपने बजट से पात्र बुजुर्गों को 1100 रुपये से 1700 रुपये तक हर महीने पेंशन दे रही है। प्रदेश में करीब 1.16 लाख गरीब वरिष्ठ नागरिक केंद्र की इस वृद्धावस्था पेंशन योजना के अंतर्गत आते हैं। यहां सामाजिक सुरक्षा पेंशन तिमाही आधार पर जारी होती है। यानी तीन महीने की राशि एक साथ लाभार्थी के बैंक खाते में जमा कर दी जाती है।
बढ़ोतरी का कोई फॉर्मूला नहीं
केंद्र अपनी राशि सीधे लाभार्थियों को न देकर राज्य सरकार को भेजता है। मौजूदा व्यवस्था में केंद्रीय अंश को महंगाई या सालाना आधार पर बढ़ाने का कोई तय नियम नहीं है। इसमें संशोधन पूरी तरह केंद्र के नीतिगत फैसले और बजट प्रावधानों पर निर्भर करता है।