दैनिक खबरनामा। बरेली, 14 जुलाई: सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और शिया वक्फ बोर्ड के पिछले कार्यकाल में हुई कथित धांधली को लेकर अब आवाज तेज हो गई है। वक्फ की संपत्तियों की बिक्री और उनके प्रबंधन में बड़े स्तर पर अनियमितता होने का दावा करते हुए ऑल इंडिया मुस्लिम जमात ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने सोमवार को बरेली में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने सीएम योगी के नाम एक पत्र भी सार्वजनिक किया। मौलाना ने कहा कि यह मामला इतना गंभीर है कि इसकी तुलना राम मंदिर के चंदा संग्रह में हुई कथित गड़बड़ी से भी की जा सकती है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व सरकारों के समय वक्फ की संपत्तियों का सही तरीके से रखरखाव नहीं हुआ। कई जमीनों का दुरुपयोग किया गया और नियमों को ताक पर रखकर सौदे किए गए।
मौलाना रजवी के मुताबिक वक्फ की आमदनी का मकसद गरीबों, अनाथों, जरूरतमंदों के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे जनहित के कामों में खर्च करना होता है। लेकिन हकीकत में वह पैसा अपेक्षित तरीके से खर्च नहीं हो पाया।
उन्होंने कहा, “अगर निष्पक्ष जांच होती है तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आएंगे। दोषी लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
मौलाना ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जाए और जो भी लोग इसमें लिप्त पाए जाएं उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
इस प्रेस वार्ता में हाजी नसीर अहमद नूरी, मुफ्ती फारुख मिस्बाही, हाजी नाजिम बेग, राहत हुसैन मुन्ना, काशिफ खान, डॉ. अनवर रजा कादरी और हाफिज रजी अहमद समेत कई लोग मौजूद रहे।