दैनिक खबरनामा | मोहाली, 16 जुलाई 2026. पंजाब के युवाओं को भारतीय सशस्त्र बलों में अधिकारी बनाने की दिशा में कार्यरत महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, एस.ए.एस. नगर ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। पिछले तीन महीनों के दौरान संस्थान के 25 कैडेटों का भारतीय रक्षा सेवाओं की विभिन्न प्रतिष्ठित प्रशिक्षण अकादमियों में चयन हुआ है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के कार्यकाल में संस्थान से चयनित कैडेटों की कुल संख्या बढ़कर 175 हो गई है।
चयनित कैडेटों ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए), भारतीय नौसेना अकादमी (आईएनए), वायु सेना अकादमी (एएफए) और ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (ओटीए) जैसी देश की प्रमुख रक्षा संस्थाओं में प्रवेश प्राप्त किया है।
संस्थान के 16 कैडेटों का चयन एनडीए-156 पाठ्यक्रम के लिए राष्ट्रीय रक्षा अकादमी, खड़कवासला में हुआ है। इनमें पंजाब के विभिन्न जिलों के प्रतिभाशाली युवा शामिल हैं, जिन्होंने कठिन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार कर यह उपलब्धि हासिल की है।
इसके अलावा एक कैडेट का चयन भारतीय नौसेना अकादमी, एझिमाला में हुआ है, जबकि तीन कैडेटों ने टेक्निकल एंट्री स्कीम (टीईएस-55) के तहत सैन्य इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश पाया है। वहीं एक कैडेट ने ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी, चेन्नई में तथा एक अन्य ने भारतीय नौसेना अकादमी में विशेष पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश प्राप्त किया है। वायु सेना अकादमी, डुंडीगल में भी एक कैडेट का चयन हुआ है, जबकि दो कैडेट भारतीय सैन्य अकादमी, देहरादून में प्रशिक्षण के लिए चुने गए हैं।
इस उपलब्धि पर पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने चयनित कैडेटों को बधाई देते हुए उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ये युवा न केवल पंजाब बल्कि पूरे देश का गौरव बढ़ाएंगे और भविष्य में भारतीय सशस्त्र बलों में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान ने बताया कि वर्तमान में 25 अन्य कैडेट सेवा चयन बोर्ड (एसएसबी) साक्षात्कार और चिकित्सीय परीक्षण की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि संस्थान आने वाले समय में भी देश को उत्कृष्ट सैन्य अधिकारी प्रदान करने की अपनी परंपरा को और मजबूत करेगा।
संस्थान की यह उपलब्धि पंजाब के युवाओं में देश सेवा के प्रति बढ़ते उत्साह और राज्य सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे गुणवत्तापूर्ण सैन्य प्रशिक्षण का प्रमाण मानी जा रही है।