दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 29 जुलाई 2026. पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी अभियान के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने बड़ी कार्रवाई करते हुए फरीदकोट जिले के कोटकपूरा निवासी एक निजी व्यक्ति को 7,200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर परिवहन कारोबारियों से कथित रूप से अवैध वसूली करने और चालानों से बचाने का झांसा देकर रिश्वत मांगने का आरोप है।
विजिलेंस ब्यूरो के अनुसार यह कार्रवाई एक ट्रांसपोर्टर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर की गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह रेत, बजरी, मिट्टी और पत्थर सहित निर्माण सामग्री के परिवहन का व्यवसाय करता है तथा उसके वाहन पंजाब के विभिन्न जिलों में संचालित होते हैं।
शिकायत में कहा गया कि कुछ समय पहले बुघीपुरा चौक पर लगाए गए एक जांच नाके के दौरान उसके ट्रक को रोक लिया गया। इसी दौरान आरोपी ने स्वयं को क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए संपर्क किया और भविष्य में चालानों से बचाने के नाम पर प्रति टिप्पर मासिक रिश्वत की मांग की।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने बाद में दूरभाष और संदेश माध्यम से भी संपर्क कर प्रति वाहन प्रति माह 1,200 रुपये देने का दबाव बनाया। जब शिकायतकर्ता ने रकम कम करने की बात कही तो आरोपी ने दावा किया कि संबंधित अधिकारियों की ओर से निर्धारित राशि से कम पर कोई सहमति संभव नहीं है।
रिश्वत देने से इनकार करते हुए शिकायतकर्ता ने मामले की सूचना विजिलेंस ब्यूरो को दी। शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध ढंग से जाल बिछाया। कार्रवाई के दौरान आरोपी को दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में शिकायतकर्ता से 7,200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।
विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि मामले में संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। जांच के दौरान यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस संबंध में आरोपी के खिलाफ एस.ए.एस. नगर स्थित विजिलेंस ब्यूरो थाने में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। ब्यूरो ने कहा कि पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।