दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 05 अगस्त 2026. पंजाब सरकार ने दावा किया है कि बीते साढ़े चार वर्षों में राज्य में पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, औद्योगिक निवेश और कौशल विकास को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसरों का मजबूत आधार तैयार किया गया है। रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने विधानसभा में कहा कि इस अवधि के दौरान 68,000 से अधिक युवाओं को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरियां दी गईं, जबकि 1,83,837 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों से 6,36,636 निजी क्षेत्र के रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
विधानसभा में रोजगार संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए मंत्री ने कहा कि राज्य में औद्योगिक निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने के कारण अनेक बड़े उद्योगों ने पंजाब में अपने विस्तार की योजनाएं शुरू की हैं। उन्होंने बताया कि निवेश के परिणामस्वरूप प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिला है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एक प्रमुख जापानी इस्पात कंपनी ने राज्य सरकार की उद्योग हितैषी नीतियों से प्रभावित होकर अपने निवेश प्रस्ताव को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,100 करोड़ रुपये कर दिया।
अमन अरोड़ा ने विधानसभा में विपक्ष के आरोपों का भी जवाब देते हुए कहा कि सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं तथा भर्ती प्रक्रिया में न तो किसी प्रकार की सिफारिश चली और न ही भ्रष्टाचार को स्थान मिला। उन्होंने विपक्षी विधायक को सार्वजनिक रूप से अपने दावे की पुष्टि करने की चुनौती भी दी।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार कौशल विकास अभियान के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, जबकि पहले यह राशि 10 करोड़ रुपये थी। उन्होंने बताया कि रोजगार शिविरों और विभिन्न सहायता कार्यक्रमों के माध्यम से 22 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया है। हाल ही में सुनाम में आयोजित विशाल रोजगार मेले में 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
उन्होंने यह भी बताया कि संगरूर जिले में लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक सशस्त्र बल तैयारी संस्थान स्थापित किया जा रहा है। इस संस्थान में प्रतिवर्ष 500 युवाओं को सशस्त्र बलों में अधिकारी स्तर की सेवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अमन अरोड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 के 19.1 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2025 में 17 प्रतिशत रह गई है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल सरकारी नौकरियां देना नहीं, बल्कि ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां उद्योगों का विस्तार हो और युवाओं को सम्मानजनक तथा स्थायी रोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार पर युवाओं से रोजगार के नाम पर किए गए वादों को पूरा नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार पारदर्शी व्यवस्था, उद्योगों को प्रोत्साहन और कौशल विकास के माध्यम से पंजाब को रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है।