दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 6 अगस्त: पंजाब में बिजली वितरण प्रणाली को नया रूप देने के लिए राज्य सरकार ने बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। रीवैंप्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम यानी आरडीएस के अंतर्गत लगभग 5,000 करोड़ रुपये की परियोजनाएं लागू की जा रही हैं।
बुधवार को विधानसभा में इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने कहा कि इस पहल का मकसद उपभोक्ताओं को लगातार, बेहतर गुणवत्ता वाली और भरोसेमंद बिजली पहुंचाना है। विधायक बलकार सिंह सिद्धू के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में मंत्री ने बताया कि आरडीएसएस के तहत पूरे प्रदेश में बिजली नेटवर्क को चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जा रहा है।
ग्राउंड लेवल पर हुए बड़े बदलाव
सौंद के अनुसार सिस्टम पर बढ़ते दबाव को घटाने और सप्लाई को स्थिर बनाने के लिए अब तक 1,296 नए 11 केवी फीडर जोड़े गए हैं। इसी के साथ गांव और शहरों में बढ़ती डिमांड को देखते हुए 1,12,195 नए वितरण ट्रांसफार्मर भी स्थापित किए जा चुके हैं।
ट्रांसमिशन नेटवर्क को भी मिल रहा बल
मंत्री ने कहा कि ट्रांसमिशन ढांचे को भी सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके तहत 663 सर्किट किलोमीटर लंबी 66 केवी लाइनों का अपग्रेडेशन किया गया है। साथ ही 355 सर्किट किलोमीटर नई 66 केवी ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का काम चल रहा है। इससे पूरे ग्रिड की क्षमता और कार्यक्षमता बेहतर होगी।
बठिंडा क्षेत्र का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि अभी फूल और भाई रूपा के 66 केवी सब-स्टेशनों को 220 केवी गुरु हरगोबिंद थर्मल प्लांट, लहरा मुहब्बत से आने वाली 66 केवी लाइन के जरिए बिजली दी जा रही है। मौजूदा लाइन पर लोड कम करने और सप्लाई को और पुख्ता करने के लिए लहरा मुहब्बत से फूल सब-स्टेशन तक 13.2 सर्किट किलोमीटर की एक नई समर्पित 66 केवी लाइन डाली जा रही है।
इस प्रोजेक्ट में 11.08 सर्किट किलोमीटर का काम पूरा हो चुका है। बाकी बचे हिस्से में आठ ट्रांसमिशन टावर बदले जाएंगे और चार जगहों पर क्रॉसिंग स्ट्रक्चर की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। इसे जल्द पूरा करने का लक्ष्य है।
किसानों को राहत का दावा
सौंद ने कहा कि अस्थायी प्रबंध के तौर पर पीएसपीसीएल ने भाई रूपा, महाराज और फूल के 66 केवी सब-स्टेशनों के बीच भार का संतुलन किया है। इसी वजह से मई महीने से किसानों को रोजाना आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली दी जा रही है।
मंत्री ने अंत में कहा कि राज्य सरकार बिजली के बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत कर रही है। इससे आने वाले समय में कृषि, उद्योग, कारोबार और घरेलू उपभोक्ताओं सभी को उनकी जरूरत के हिसाब से गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली मिल सकेगी।