दैनिक खबरनामा | 10 अगस्त | करनाल: हरियाणा सरकार ने प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने और निर्यात को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। हरियाणा के विकास के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सोमवार को करनाल में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा प्रोग्रेसिव एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रदेश के उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि नई नीति हरियाणा के औद्योगिक विकास को अगले स्तर तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।

कार्यक्रम में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह सहित जनप्रतिनिधि, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, एमएसएमई, निर्यातक, वित्तीय संस्थानों और उद्योग संघों से जुड़े प्रतिनिधि मौजूद रहे। हरियाणा के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में उद्यमियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

‘उद्यमियों को मिलेगा बेहतर कारोबारी माहौल’

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा अब विकास यात्रा के सातवें दशक में प्रवेश कर रहा है। छह दशकों की उपलब्धियों को याद करने के साथ यह समय भविष्य की नई योजनाओं और संकल्पों को आगे बढ़ाने का भी है। उन्होंने कहा कि हरियाणा ने उद्यमशीलता के दम पर देश की प्रमुख विनिर्माण अर्थव्यवस्थाओं में अपनी जगह बनाई है और अब सरकार प्रदेश को औद्योगिक विकास के नए चरण में ले जाने के लिए लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसी भी प्रदेश की आर्थिक ताकत वहां के उद्यमियों से तैयार होती है। उद्यमी अपने सपनों को उद्योग में, मेहनत को उत्पादन में और जोखिम उठाने के साहस को रोजगार के अवसरों में बदलते हैं। सरकार का प्रयास है कि कारोबार शुरू करने और उसे विस्तार देने वाले उद्यमियों को भरोसेमंद माहौल, बेहतर सुविधाएं और पर्याप्त अवसर मिलें।

वित्त, तकनीक और निर्यात पर रहेगा जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 के तहत वित्तीय सहायता, औद्योगिक ढांचे, आधुनिक तकनीक, निर्यात, कौशल विकास और बाजार तक पहुंच जैसे क्षेत्रों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार ऐसा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करना चाहती है, जिसमें नवाचार को बढ़ावा मिले, नए उद्योग स्थापित हों और रोजगार के अधिक अवसर पैदा हों।

उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता केवल बड़े शहरों में उद्योग स्थापित करना नहीं है। प्रदेश के प्रत्येक जिले और क्षेत्र को औद्योगिक पहचान दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा, ताकि स्थानीय प्रतिभा, संसाधनों और उद्यमियों को अपने ही क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा को सिर्फ निवेश का गंतव्य नहीं, बल्कि नवाचार, रोजगार और विश्वास की राजधानी बनाना सरकार का लक्ष्य है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं को रोजगार और व्यवसाय के अवसरों के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। हरियाणा में ही उनके लिए अवसर और बेहतर भविष्य उपलब्ध होंगे।

‘मेक इन इंडिया’ के साथ ‘मेक इन हरियाणा’ पर फोकस

नायब सिंह सैनी ने कहा कि नई नीति की बुनियाद ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक इन हरियाणा’ की अवधारणा पर रखी गई है। एमएसएमई क्षेत्र को मजबूत कर प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलने का लक्ष्य रखा गया है।

उद्योगों को प्रोत्साहन देने और एमएसएमई क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने के लिए एमएसएमई निदेशालय का गठन किया गया है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को भी नीति में अहम स्थान दिया गया है। ग्रीन इंवेस्टमेंट फंड के जरिए पर्यावरण अनुकूल निवेश और हरित तकनीकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

नई नीति में उद्योगों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के साथ युवाओं और नए उद्यमियों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का लक्ष्य हरियाणा को देश के प्रमुख औद्योगिक और निर्यात केंद्रों में शामिल करना है।

नीति दस्तावेज और कॉफी टेबल बुक का अनावरण

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एमएसएमई एवं एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी-2026 के नीति दस्तावेज के साथ कॉफी टेबल बुक का भी अनावरण किया। उन्होंने हरियाणा के विभिन्न क्षेत्रों के एमएसएमई द्वारा तैयार किए गए उत्पादों, तकनीकों और सफलता की कहानियों पर आधारित प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।

हरियाणा में निवेश के लिए बेहतर संभावनाएं: कल्याण

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने कहा कि एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन नीति प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण और मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में उद्योग और उद्यमिता की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली से हरियाणा की सीमा तीन ओर से लगती है। इसके अलावा प्रदेश में मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन परिस्थितियों के कारण हरियाणा निवेश के लिहाज से महत्वपूर्ण राज्य बन गया है।

कल्याण ने कहा कि नई नीति के जरिए नए निवेशकों और उद्यमियों को आगे बढ़ने के लिए आवश्यक अवसर और मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया है। वहीं, पहले से संचालित उद्योगों को विस्तार और अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में उद्योग जगत की भूमिका महत्वपूर्ण है। उद्यमी निवेश करते हैं, जोखिम उठाते हैं और रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, जिससे प्रदेश और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

उद्योग आर्थिक विकास की रीढ़: राव नरबीर

हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कहा कि दुनिया के विकसित देशों की आर्थिक प्रगति में उद्योगों की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी रही है। बड़े उद्योगों के साथ एमएसएमई सेक्टर भी आर्थिक विकास को गति देने में अहम योगदान देता है।

उन्होंने प्रदेश के उद्यमियों से ऐसे गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार करने का आह्वान किया, जिनकी देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मांग और पहचान बने। उन्होंने कहा कि हरियाणा में तैयार होने वाले उत्पादों को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए उद्योगों को लगातार नवाचार और गुणवत्ता सुधार पर काम करना होगा।

राव नरबीर ने आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी जरूरी बताया। उन्होंने उद्योगों में उत्पादन और पैकेजिंग के दौरान पर्यावरण अनुकूल सामग्री के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की जरूरत बताई। उन्होंने उद्यमियों से ऐसी पैकेजिंग सामग्री विकसित करने पर जोर देने को कहा, जो आसानी से नष्ट हो सके और पर्यावरण को नुकसान न पहुंचाए।

नई नीति से औद्योगिक विकास को मिलेगी गति: डॉ. अमित अग्रवाल

उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने स्वागत संबोधन में कहा कि हरियाणा सरकार एमएसएमई सेक्टर को आगे बढ़ाने के लिए गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में हरियाणा ने औद्योगिक क्षेत्र में अपनी अलग पहचान स्थापित की है।

डॉ. अमित अग्रवाल ने विश्वास जताया कि नई एमएसएमई नीति प्रदेश के औद्योगिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।

कार्यक्रम में लघु एवं मध्यम निदेशालय हरियाणा के महानिदेशक यश गर्ग ने एमएसएमई एवं निर्यात संवर्धन नीति-2026 के विभिन्न प्रावधानों और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी।

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