दैनिक खबरनामा | 10 अगस्त | रांची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्तेको गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कथित घोटाले को लेकर प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इसी बीच राजधानी रांची में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन किया। विधानसभा का घेराव करने निकले छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
CID की 20वीं गिरफ्तारी, पूर्व JPSC अध्यक्ष से लगातार हुई थी पूछताछ
एल. खियांग्ते की गिरफ्तारी इस मामले में CID की 20वीं गिरफ्तारी है। इससे पहले जांच एजेंसी डिप्टी परीक्षा नियंत्रक श्वेता कुमारी गुप्ता समेत 19 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच एल. खियांग्ते ने 22 जुलाई को JPSC अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 28 जुलाई से CID उनसे लगातार पूछताछ कर रही थी। पूछताछ के बाद अब एजेंसी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
वहीं, JPSC के तीन अन्य सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, अनिमा हांसदा और जमाल अहमद—ने भी रविवार को अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने तीनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए हैं। CID ने अब इन तीनों पूर्व सदस्यों को भी पूछताछ के लिए बुलाया है।
भर्ती परीक्षाओं में कथित आर्थिक गड़बड़ी की ED करेगी जांच
मामले की जांच अब केवल CID तक सीमित नहीं रही है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी इस प्रकरण में जांच शुरू कर दी है। एजेंसी ने CID की FIR और सामने आई अन्य शिकायतों का संज्ञान लिया है।
ED अब JSSC-CGL समेत राज्य में आयोजित अन्य भर्ती परीक्षाओं से जुड़े कथित आर्थिक अपराधों और पैसों के लेनदेन की पड़ताल कर रही है। इसके लिए धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच आगे बढ़ाई जा रही है। ED की एंट्री के बाद मामले में वित्तीय लेनदेन से जुड़े पहलुओं और संभावित मनी ट्रेल की भी जांच होने की संभावना है।
CBI जांच की मांग को लेकर विधानसभा कूच
भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी की CBI जांच कराने की मांग को लेकर हजारों अभ्यर्थियों ने सोमवार को रांची में विधानसभा की ओर मार्च किया। प्रदर्शनकारी छात्र विधानसभा का घेराव करना चाहते थे।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए कई बैरिकेड्स को पार करने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने छात्रों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शन में छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो भी शामिल हुए। वह पिछले नौ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। स्वास्थ्य खराब होने के बावजूद उन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया और एंबुलेंस में लेटकर छात्रों के साथ विधानसभा की ओर मार्च किया।
JPSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों के लगातार प्रदर्शन के बीच पूर्व चेयरमैन की गिरफ्तारी और ED की जांच ने मामले को और गंभीर बना दिया है।