दैनिक खबरनामा | 13 अगस्त | नई दिल्ली: अमेरिका में बच्चे के जन्म के जरिए नागरिकता हासिल करने के कथित प्रयासों पर ट्रंप प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय की एक विशेष टास्क फोर्स ने ‘बर्थ टूरिज्म’ से जुड़े 600 से अधिक विदेशी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए हैं। यह कदम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 6 अगस्त के आदेश के बाद उठाया गया है।

प्रशासन ने ऐसे मामलों की पड़ताल के लिए ‘बर्थ टूरिज्म प्रिवेंशन टास्क फोर्स’ बनाई है। इसके जरिए उन मामलों की जांच की जा रही है, जिनमें विदेशी नागरिक कथित तौर पर गलत जानकारी, फर्जी दस्तावेज या यात्रा के गलत उद्देश्य का इस्तेमाल कर अमेरिका पहुंचते हैं और वहां बच्चे को जन्म देकर अमेरिकी नागरिकता हासिल करने का प्रयास करते हैं।

क्या होता है ‘बर्थ टूरिज्म’?

अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत सामान्य परिस्थितियों में अमेरिका की जमीन पर जन्म लेने वाले बच्चों को अमेरिकी नागरिकता प्राप्त होती है। इसी संवैधानिक प्रावधान का लाभ लेने के उद्देश्य से कुछ विदेशी नागरिक गर्भावस्था के दौरान अमेरिका की यात्रा करते हैं।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, कुछ लोग टूरिस्ट या बिजनेस वीजा के लिए आवेदन करते समय छुट्टी, खरीदारी, कॉन्फ्रेंस अथवा अन्य वजहें बताते हैं, जबकि उनका कथित वास्तविक मकसद अमेरिका में बच्चे को जन्म देना होता है।

टास्क फोर्स ने खंगाले वीजा आवेदन और यात्रा रिकॉर्ड

अमेरिकी विदेश मंत्रालय की विशेष टास्क फोर्स ने होमलैंड सिक्योरिटी और अन्य संघीय एजेंसियों के साथ मिलकर संदिग्ध मामलों की जांच की। इस दौरान वीजा आवेदन, यात्रा इतिहास और दूसरे संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की गई।

जांच में ऐसे मामले भी सामने आने का दावा किया गया है, जहां एजेंसियां, मिडवाइफ और वेलनेस एडवाइजर विदेशी नागरिकों को अमेरिका में बच्चे को जन्म देने से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने का कथित कारोबार कर रहे थे। ऑनलाइन विज्ञापनों के जरिए अमेरिकी नागरिकता से मिलने वाले संभावित फायदों का प्रचार कर लोगों को आकर्षित किए जाने की बात भी जांच में सामने आई।

शॉपिंग और कॉन्फ्रेंस बताकर पहुंचे, बच्चों का हुआ जन्म

जांच के दौरान एक दंपती का मामला सामने आया। उन्होंने अमेरिका जाने के लिए शॉपिंग और कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने का कारण बताया था। अमेरिका में उनके दो बच्चों का जन्म हुआ। बाद में वीजा आवेदन में उन्होंने कथित तौर पर अपने पहले बच्चे के जन्म से संबंधित जानकारी छिपाई। जांच पूरी होने के बाद दोनों के वीजा रद्द कर दिए गए।

एक दूसरे मामले में एक विदेशी सरकारी अधिकारी ने एक सप्ताह की आधिकारिक यात्रा के लिए वीजा लिया था। हालांकि, वह करीब तीन महीने तक अमेरिका में रही और इसी अवधि के दौरान बच्चे को जन्म दिया। उसका वीजा भी रद्द कर दिया गया।

इसी तरह एक महिला ने ओरलैंडो में छुट्टियां बिताने के आधार पर वीजा प्राप्त किया। अमेरिका पहुंचने के बाद वह लॉस एंजिल्स चली गई और वहां पहुंचने के कुछ ही दिनों बाद उसने बच्चे को जन्म दिया।

2024 में करीब 9,600 बच्चों का जन्म

माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में होने वाले कुल जन्मों की तुलना में ‘बर्थ टूरिज्म’ का हिस्सा बेहद छोटा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में करीब 9,600 बच्चों का जन्म ऐसे मामलों से जुड़ा था, जिनकी माताओं का विदेशी पता दर्ज था।

वीजा रद्द होने के बाद प्रवेश पर भी लग सकता है प्रतिबंध

ट्रंप प्रशासन ने ‘बर्थ टूरिज्म’ के खिलाफ कार्रवाई को और कड़ा करने का निर्णय लिया है। विदेश मंत्री मार्को रुबियो और होमलैंड सिक्योरिटी विभाग को ऐसे मामलों में वीजा रद्द करने के साथ संबंधित लोगों के खिलाफ इमिग्रेशन कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया है।

सरकारी नीति के तहत गंभीर मामलों में संबंधित व्यक्तियों को अमेरिका से बाहर निकाला जा सकता है। इसके अलावा भविष्य में उनके अमेरिका में प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगाया जा सकता है। हालांकि, बेहद विशेष मानवीय परिस्थितियों में अपवाद की संभावना रखी गई है।

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