दैनिक खबरनामा नई दिल्ली, 8 सितंबर: एयर इंडिया द्वारा अपने मालिकाना समूह टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब 1.5 अरब डॉलर की अतिरिक्त फंडिंग मांगने की खबर ने सिंगापुर में बहस छेड़ दी है। खासतौर पर इस बात को लेकर चर्चा हो रही है कि भारतीय विमानन कंपनी में सिंगापुर के सरकारी निवेशक टेमासेक का कितना वित्तीय जोखिम जुड़ा हुआ है।
सिंगापुर के एक मंत्री ने कहा कि एयर इंडिया की फंडिंग मांग से जुड़ी खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भारत विरोधी टिप्पणियां और कथित रूप से आपत्तिजनक सामग्री देखने को मिली। उन्होंने पुलिस से इन टिप्पणियों की जांच करने को कहा है।
एयर इंडिया ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब भारत की दूसरी सबसे बड़ी एयरलाइन और उसकी बजट इकाई ने हाल ही में 2.33 अरब डॉलर का रिकॉर्ड वार्षिक घाटा दर्ज किया है। कंपनी ने अपने परिचालन और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त इक्विटी पूंजी जुटाने का प्रयास शुरू किया है।
एयर इंडिया में टाटा समूह की बहुमत हिस्सेदारी है, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस की कंपनी में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सिंगापुर एयरलाइंस स्वयं सिंगापुर के सरकारी निवेशक टेमासेक के बहुमत स्वामित्व में है।
सिंगापुर एयरलाइंस पहले ही एयर इंडिया के वित्तीय प्रदर्शन का प्रभाव महसूस कर चुकी है और भारतीय विमानन कंपनी में अपनी हिस्सेदारी के अनुपात में हुए घाटे को अपने खातों में दर्ज किया है। ऐसे में एयर इंडिया की नई फंडिंग जरूरत ने सिंगापुर में टेमासेक के निवेश और उसके संभावित वित्तीय जोखिम को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एयर इंडिया के लिए प्रस्तावित फंडिंग का उद्देश्य कंपनी की वित्तीय स्थिति को मजबूत करना और भविष्य के विस्तार एवं परिचालन जरूरतों के लिए पूंजी उपलब्ध कराना माना जा रहा है। हालांकि, फंडिंग की अंतिम संरचना और इसमें टाटा संस तथा सिंगापुर एयरलाइंस की संभावित भागीदारी को लेकर अभी और विवरण सामने आना बाकी है।