दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 28 अक्टूबर 2026. पंजाब सरकार द्वारा आश्रित और बेसहारा बच्चों की देखभाल, शिक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के लिए सितंबर 2026 तक ₹254.44 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की जा चुकी है। इस सहायता का लाभ राज्य के करीब 2.43 लाख बच्चों को मिल रहा है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि कोई भी बच्चा कठिन परिस्थितियों के कारण अपनी पढ़ाई, तरक्की और सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षा, सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करना सरकार की प्राथमिकता है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आश्रित बच्चों को वित्तीय सहायता योजना के तहत 21 वर्ष से कम आयु के ऐसे बच्चे लाभ लेने के पात्र हैं, जिनके माता-पिता दोनों की मृत्यु हो चुकी है, दोनों लापता हैं अथवा शारीरिक या मानसिक अक्षमता के कारण बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ हैं। इसके अलावा, 60,000 रुपये या इससे कम वार्षिक आय वाले पात्र परिवारों के बच्चों को भी इस योजना का लाभ दिया जाता है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत 432.78 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है, जिसमें से सितंबर 2026 तक 254.44 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। यह वित्तीय सहायता बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ की सोच के तहत सरकार का उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित बचपन, सम्मानजनक जीवन और अपने सपनों को साकार करने के लिए आवश्यक अवसर प्रदान करना है। उन्होंने दोहराया कि कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहे बच्चों के कल्याण, सुरक्षा और सशक्तीकरण के लिए पंजाब सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।