दैनिक खबरनामा | जालंधर, 01 नवंबर 2026. पंजाब में पहली बार आयोजित हो रही एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का लीग चरण अब अंतिम दौर में पहुंच गया है। तीन-तीन मुकाबले खेल चुकी सभी छह टीमों के दो-दो मैच बाकी हैं। मेजबान भारत और मलेशिया ने अपने शुरुआती तीनों मुकाबलों में जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पांच गोल के साथ टूर्नामेंट के शीर्ष स्कोरर बने हुए हैं। लीग चरण के अंतिम छह मुकाबले 1 और 2 नवंबर को जालंधर में खेले जाएंगे, जबकि नॉकआउट मुकाबले 4 और 5 नवंबर को मोहाली में होंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के प्रयासों से पंजाब में पहली बार इस स्तर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन हो रहा है। प्रतियोगिता के आयोजन से भारतीय हॉकी खिलाड़ियों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा भी पूरी हुई है।
शनिवार को टूर्नामेंट में विश्राम का दिन रहा और कोई मुकाबला नहीं खेला गया। हालांकि, दक्षिण कोरिया और बांग्लादेश की टीमों ने अभ्यास किया। लीग चरण के अंतिम दौर में 1 नवंबर को दक्षिण कोरिया का मुकाबला बांग्लादेश, चीन का जापान और भारत का मलेशिया से होगा। इसी तरह 2 नवंबर को चीन-बांग्लादेश, मलेशिया-जापान और भारत-दक्षिण कोरिया के बीच मुकाबले खेले जाएंगे। ये मैच क्रमशः दोपहर 2:30 बजे, शाम 4:45 बजे और शाम 7 बजे शुरू होंगे।
ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में अब तक खेले गए मुकाबलों के आधार पर अंक तालिका में भारत बेहतर गोल अंतर के साथ पहले और मलेशिया दूसरे स्थान पर है। जापान दो जीत के साथ तीसरे तथा दक्षिण कोरिया एक जीत के साथ चौथे स्थान पर है। चीन और बांग्लादेश को अभी पहली जीत का इंतजार है। छह टीमों में से शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में पहुंचेंगी, जबकि पांचवें और छठे स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच पांचवें स्थान के लिए मुकाबला होगा। नॉकआउट चरण के सभी मैच मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर स्टेडियम में खेले जाएंगे।
टूर्नामेंट में अब तक नौ मुकाबले खेले गए हैं और इनमें से कोई भी मैच ड्रॉ नहीं रहा। सभी मुकाबलों का नतीजा निकला है। इन मैचों में कुल 54 गोल हुए हैं, यानी प्रति मुकाबला औसतन छह गोल। इनमें 28 मैदानी गोल, 23 पेनल्टी कॉर्नर और तीन पेनल्टी स्ट्रोक से किए गए गोल शामिल हैं।
टीमों के प्रदर्शन पर नजर डालें तो भारत ने सर्वाधिक 22 गोल किए हैं और उसके खिलाफ केवल तीन गोल हुए हैं। मलेशिया ने 14 गोल किए हैं, जबकि उसके खिलाफ छह गोल हुए हैं। चीन ने सात गोल किए और उसके खिलाफ 12 गोल हुए। जापान और दक्षिण कोरिया ने पांच-पांच गोल किए हैं, जबकि उनके खिलाफ क्रमशः छह और सात गोल हुए। बांग्लादेश ने अब तक केवल एक गोल किया है और उसके खिलाफ 20 गोल हुए हैं। भारत और जापान ही ऐसी टीमें हैं, जिन्होंने एक-एक मुकाबले में क्लीन शीट हासिल की है। दोनों ने बांग्लादेश के खिलाफ अपने गोलपोस्ट को सुरक्षित रखा।
व्यक्तिगत प्रदर्शन में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पांच गोल के साथ सबसे आगे हैं। उनके सभी गोल पेनल्टी कॉर्नर के जरिए आए हैं। मलेशिया के अबू कमाल अजराई चार गोल के साथ दूसरे स्थान पर हैं। भारत के मनदीप सिंह और अभिषेक तथा मलेशिया के अखीमउल्लाह और अजीमुद्दीन ने तीन-तीन गोल किए हैं।
टूर्नामेंट की अब तक की एकमात्र हैट्रिक भारतीय खिलाड़ी मनदीप सिंह के नाम है। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ पहले मुकाबले में तीन गोल दागे थे। भारत के हार्दिक सिंह, सुखजीत सिंह, जुगराज सिंह और दिलप्रीत सिंह, चीन के चोंगकोंग चेन और बेनहाई चेन तथा मलेशिया के फैजल सारी ने दो-दो गोल किए हैं। इनके अलावा 19 खिलाड़ियों ने एक-एक गोल किया है। इस तरह अब तक कुल 32 खिलाड़ी गोल करने वालों की सूची में शामिल हो चुके हैं।