दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 3 नवंबर 2026. पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने लॉटरी संचालन को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस नेता चरणजीत सिंह चन्नी के बयानों पर पलटवार करते हुए उन्हें निराधार और भ्रामक करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के कार्यकाल में पंजाब ने लॉटरी से राजस्व अर्जित करने के मामले में नया रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2025-26 में लॉटरी से कुल राजस्व 163.68 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो कांग्रेस सरकार के अंतिम वित्त वर्ष 2021-22 में अर्जित 52.10 करोड़ रुपये के मुकाबले 200 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
यहां जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के कार्यकाल के दौरान वित्त वर्ष 2021-22 में लॉटरी से राज्य की शुद्ध प्राप्तियां केवल 19.33 करोड़ रुपये थीं, जबकि जीएसटी संग्रह 32.77 करोड़ रुपये रहा था। इसके विपरीत, भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान शुद्ध प्राप्तियां बढ़कर रिकॉर्ड 70.59 करोड़ रुपये हो गईं। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में 31 अक्टूबर तक ही राज्य 54.21 करोड़ रुपये की शुद्ध प्राप्तियां अर्जित कर चुका है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि लॉटरी से जीएसटी संग्रह में भी ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2021-22 में 32.77 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 93.09 करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग तीन गुना वृद्धि है। चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर 2026 तक 59.43 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह दर्ज किया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि यदि लॉटरी से प्राप्त कुल राजस्व यानी शुद्ध प्राप्तियों और जीएसटी को मिलाकर देखा जाए तो वित्त वर्ष 2021-22 में कांग्रेस सरकार ने 52.10 करोड़ रुपये अर्जित किए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 में 163.68 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व जुटाया है। उन्होंने कहा कि यह आंकड़े दोनों सरकारों के वित्तीय प्रदर्शन में स्पष्ट अंतर दर्शाते हैं।
वर्ष-दर-वर्ष राजस्व आंकड़े प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वित्त वर्ष 2017-18 में लॉटरी से कुल राजस्व 7.47 करोड़ रुपये, 2018-19 में 45.56 करोड़ रुपये, 2019-20 में 38.67 करोड़ रुपये, 2020-21 में 59.87 करोड़ रुपये और 2021-22 में 52.10 करोड़ रुपये रहा था।
इसके विपरीत, भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में वित्त वर्ष 2022-23 में 47.47 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ, जो 2023-24 में बढ़कर 60.01 करोड़ रुपये, 2024-25 में 103.54 करोड़ रुपये और 2025-26 में रिकॉर्ड 163.68 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने कहा कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 में अक्टूबर तक ही कुल राजस्व 113.64 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुका है, जो कांग्रेस सरकार द्वारा अपने अंतिम पूरे वित्त वर्ष में अर्जित राजस्व से दोगुने से भी अधिक है।
पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सार्वजनिक बयान देने से पहले तथ्यों की जांच करने की नसीहत देते हुए हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि जिन नेताओं के कार्यकाल में वित्तीय ठहराव और व्यवस्था में भ्रष्टाचार के आरोप रहे, वे आज उस सरकार के वित्तीय प्रबंधन पर सवाल उठा रहे हैं, जिसने लॉटरी राजस्व में लगातार वृद्धि दर्ज की है।
वित्त मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार राज्य के राजस्व को बढ़ाने और इस धनराशि का इस्तेमाल जनकल्याण तथा विकास परियोजनाओं के लिए करने के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि जारी किए गए आंकड़े स्वयं सरकार के राजस्व प्रदर्शन की तस्वीर पेश करते हैं और विपक्ष के भ्रामक प्रचार का जवाब हैं। उन्होंने पंजाब के लोगों को भरोसा दिलाया कि राज्य का खजाना सुरक्षित हाथों में है और सरकार जनहित में संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।