हरियाणा 11 जनवरी(दैनिक खबरनामा) सोनीपत दिल्ली आवागमन के दौरान रोजाना ट्रैफिक जाम से जूझने वाले सोनीपत जिले के हजारों वाहन चालकों के लिए राहत भरी खबर है। मुनक नहर के समानांतर बनने वाले करीब 20 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर को सरकार की मंजूरी मिल गई है। लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह कॉरिडोर इंद्रलोक से बवाना होते हुए अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-2) तक जाएगा।इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ सोनीपत, कुंडली, मुरथल और गन्नौर क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। वर्तमान में सोनीपत से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को जीटी रोड, कुंडली बॉर्डर, बवाना और आउटर रिंग रोड पर भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। सुबह और शाम के समय यह सफर कई बार डेढ़ से दो घंटे तक का हो जाता है।एलिवेटेड कॉरिडोर से घटेगा सफर का समय एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण से दिल्ली की दूरी कम समय में तय की जा सकेगी। जाम से मुक्ति मिलने पर न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की भी बचत होगी।कुंडली-राई औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगा बड़ा फायदा
इस परियोजना से कुंडली, राई और मुरथल औद्योगिक क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। दिल्ली, बवाना और नरेला की ओर जाने वाले ट्रक, कंटेनर और कर्मचारियों की आवाजाही आसान होगी। इससे उद्योगों की लॉजिस्टिक लागत घटेगी और औद्योगिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी।प्रदूषण और थकान से मिलेगी राहत एलिवेटेड कॉरिडोर शुरू होने से दिल्ली के उत्तरी हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम होगा। जाम घटने से वाहन कम समय तक सड़कों पर खड़े रहेंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी। रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों की थकान भी कम होगी।तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस परियोजना को तीन साल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके साथ ही इंद्रलोक से कश्मीरी गेट तक टनल निर्माण को लेकर भी अध्ययन किया जा रहा है। यदि यह योजना साकार होती है, तो सोनीपत से आने वाले यात्री सीधे मध्य दिल्ली तक बिना ट्रैफिक जाम पहुंच सकेंगे।