हरियाणा 18 जनवरी (दैनिक खबरनामा) हरियाणा हिसार।
कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से शनिवार को हरियाणा के अधिकांश जिलों में दिन और रात के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। गुरुग्राम में दिन का अधिकतम तापमान 22.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि सबसे कम अधिकतम तापमान नारनौल में 15.6 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान की बात करें तो सिरसा में 7.8 डिग्री और नारनौल में 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।18 जनवरी तक आंशिक बादल, आगे कई विक्षोभ सक्रियमौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण 18 जनवरी तक प्रदेश में आंशिक बादल छाए रहेंगे। इस दौरान रात के तापमान में बढ़ोतरी और दिन के तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिलेगी।19 जनवरी से सक्रिय होने वाले पश्चिमी विक्षोभ के असर से 22 जनवरी तक आंशिक बादलवाही और उत्तरी जिलों में कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना है।इसके बाद 22 से 25 जनवरी के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है।26 से 28 जनवरी के दौरान भी नए विक्षोभ के असर से तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने की आशंका है। वहीं 29 जनवरी से 1 फरवरी तक एक मध्यम श्रेणी के विक्षोभ से बूंदाबांदी के आसार बने हुए हैं। लगातार विक्षोभों के चलते रात के तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं, लेकिन दिन का तापमान नीचे रहेगा।
फसलों के लिए अनुकूल मौसम, बंपर पैदावार की उम्मीद
अधिक बारिश, हवा में नमी और कोहरे के कारण इस बार प्रदेश में गेहूं, जौ और चने की बंपर पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. ओपी बिश्नोई ने बताया कि ठंड और कोहरे के कारण गेहूं की फसल में बेहतर बढ़वार और फुटाव हो रहा है।
हालांकि, आगामी दिनों में बारिश होने पर सरसों की फसल में फफूंदी रोग का खतरा बढ़ सकता है, जिससे पैदावार प्रभावित हो सकती है।सरसों और गेहूं के लिए आदर्श तापमान
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार:सरसों की अच्छी बढ़वार के लिए 10 से 20 डिग्री सेल्सियस तापमान आदर्श माना जाता है। ठंड बने रहने से दानों का आकार बड़ा होगा और तेल की मात्रा में बढ़ोतरी होगी।गेहूं के लिए 8 से 12 डिग्री सेल्सियस का रात्रि तापमान सबसे उपयुक्त होता है। मौजूदा मौसम से गेहूं में टिलरिंग बेहतर हो रही है और हीट स्ट्रेस का खतरा नहीं है।हिसार जिले में फसलों का रकबा गेहूं: 5.5 लाख एकड़ सरसों: 2.25 लाख एकड़ जौ: 35 हजार एकड़
चना: 2,500 एकड़ कुल मिलाकर, मौजूदा मौसम किसानों के लिए राहत भरा है और यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो रबी फसलों में बेहतर उत्पादन की पूरी संभावना है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

उत्तर रेलवे विशेष सेवा पुरस्कार 2025 अंबाला मंडल ने मारी बाज़ी, चार प्रतिष्ठित शील्ड किए अपने नाम

अंबाला 11 जनवरी (दैनिकखबरनामा)अंबाला उत्तर रेलवे ने वर्ष 2025 के लिए विशेष…
Share to :

कालका सब्जी मंडी के गेट पर जलभराव वाला गड्ढा बना खतरा, हादसे की आशंका बढ़ी

हरियाणा 5 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) हरियाणा के कालका सब्जी मंडी…
Share to :

अंबाला के युवक पर अमित शाह और चारधाम को बम से उड़ाने की धमकी का आरोप, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर

दैनिक खबरनामा । अंबाला, 23 जून : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह,…
Share to :

कुरुक्षेत्र में पुलिस-बदमाश मुठभेड़, जर्मनी से डिपोर्ट युवक घायल

दैनिक खबरनामा | 15 जून, 2026 कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र के गांव मुर्तजापुर…
Share to :