पंजाब 30 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) पंजाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर पंजाब दौरे पर आ रहे हैं। इस दौरे में खास बात यह है कि बीजेपी की नजर प्रदेश के दोआबा बेल्ट पर टिकी हुई है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, जालंधर दौरे के जरिए बीजेपी दोआबा क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है।
दोआबा बेल्ट पंजाब की राजनीति में बेहद अहम माना जाता है। इस क्षेत्र में विधानसभा की कुल 23 सीटें आती हैं, जबकि पूरे पंजाब की 117 सीटों में यह बेल्ट निर्णायक भूमिका निभाता है। यहां लगभग 32 प्रतिशत दलित वोटर हैं, जो चुनावी नतीजों की दिशा तय करते हैं।2022 के विधानसभा चुनावों में भले ही पूरे पंजाब में आम आदमी पार्टी की लहर रही हो, लेकिन दोआबा में AAP को एकतरफा सफलता नहीं मिल पाई थी। यहां AAP को सिर्फ 10 सीटें मिली थीं, जबकि 9 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। यही वजह है कि बीजेपी अब इस क्षेत्र को टारगेट कर रही है।बीजेपी को उम्मीद है कि कांग्रेस के कमजोर होते संगठन और अंदरूनी कलह का फायदा उठाया जा सकता है। हाल ही में हुए उपचुनावों और राजनीतिक बयानबाजी ने कांग्रेस की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं, जिसका लाभ बीजेपी उठाने की कोशिश में है।प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा न सिर्फ राजनीतिक संदेश देने वाला माना जा रहा है, बल्कि इसके जरिए पार्टी दलित और शहरी वोट बैंक को साधने की कोशिश भी करेगी। कार्यक्रम के दौरान विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और राजनीतिक संकेतों से भरे भाषण की भी संभावना जताई जा रही है।राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले चुनावों से पहले पीएम का यह दौरा बीजेपी की पंजाब में नई रणनीति का हिस्सा है, जहां दोआबा बेल्ट को केंद्र में रखकर समीकरण बदले जाने की तैयारी है।