दैनिक खबरनामा 22 अप्रैल 2026 पंजाब सरकार ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए एक नई व्यवस्था लागू की है। अब हर स्वरूप को यूनिक आईडी नंबर के साथ प्रकाशित किया जाएगा, जो डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम से जुड़ा होगा। इससे प्रत्येक स्वरूप की अलग पहचान बनेगी और जरूरत पड़ने पर उसे ट्रैक करना संभव होगा।
यह कदम बेअदबी और साजिश से जुड़ी घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। सरकार ने हाल ही में “दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026” लागू किया है। इसके तहत ग्रंथ के स्वरूपों की छपाई, भंडारण, वितरण और आपूर्ति के लिए स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। छपाई का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) को सौंपा गया है, जबकि स्वरूप प्राप्त करने वालों को निर्धारित मर्यादाओं का पालन करना अनिवार्य होगा।संशोधन अधिनियम के अनुसार एसजीपीसी को एक केंद्रीय डिजिटल रजिस्टर रखना होगा, जिसमें छपाई से लेकर वितरण तक की पूरी जानकारी दर्ज की जाएगी। यूनिक आईडी के साथ प्रकाशन की तारीख, स्वरूप कहां भेजा गया, किस स्थान पर रखा गया और संरक्षक का नाम-पता भी रिकॉर्ड किया जाएगा। यह रिकॉर्ड मैनुअल और इलेक्ट्रॉनिक दोनों रूपों में उपलब्ध होगा और एसजीपीसी की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा।इसके अलावा, स्वरूप प्राप्त करने वाले व्यक्ति की जिम्मेदारी तय की गई है। किसी भी प्रकार की क्षति, दुरुपयोग या गुम होने की स्थिति में तुरंत पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचना देना अनिवार्य होगा।
गौरतलब है कि राज्य में पहले भी बरगाड़ी, बहबलकलां और नकोदार जैसे मामलों में बेअदबी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। सरकार का मानना है कि नई डिजिटल ट्रैकिंग व्यवस्था से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी और धार्मिक गरिमा की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित होगी।