दैनिक खबरनामा 22 अप्रैल 2026 पंजाब सरकार द्वारा पारित ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026’ अब कानूनी विवाद में घिर गया है। इस कानून को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। जालंधर के सिमरनजीत सिंह ने याचिका दाखिल कर कहा है कि कानून में केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी का ही जिक्र है, जबकि अन्य धर्मों के पवित्र ग्रंथों को शामिल नहीं किया गया, जो देश की धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांत के खिलाफ है।याचिका में यह भी कहा गया है कि इस कानून में उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है, इसलिए इसे लागू करने से पहले राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी थी। लेकिन सरकार ने केवल राज्यपाल की मंजूरी लेकर इसे लागू कर दिया, जो प्रक्रिया पर सवाल खड़े करता है।इस कानून के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप को नुकसान पहुंचाना, अपमान करना, चोरी करना या उसकी गरिमा के खिलाफ कोई भी कृत्य करना बेअदबी माना गया है। दोषी पाए जाने पर आजीवन कारावास (मृत्यु तक जेल) और 5 से 25 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।मामले में जल्द ही हाईकोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है, जिससे इस कानून की वैधता और संवैधानिक पहलुओं पर स्पष्टता आ सकती है।
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- Editorial Team
- June 6, 2026