राजस्थान 1 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) राजस्थान के
यूजीसी के विरोध में स्वर्ण समाज के आह्वान पर किए गए भारत बंद का करौली जिले में व्यापक असर देखने को मिला। बंद के चलते करौली शहर सहित जिले के विभिन्न कस्बों और ग्रामीण इलाकों में बाजार पूरी तरह से बंद रहे। सुबह से लेकर दोपहर 11 बजे तक चाय, गुटखा और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की दुकानें भी बंद रहीं, जिससे बंद की सफलता साफ़ तौर पर नजर आई।भारत बंद के दौरान करौली के मुख्य बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। आमतौर पर चहल-पहल से भरे रहने वाले व्यापारिक क्षेत्र पूरी तरह शांत दिखाई दिए व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें बंद रखीं और बंद को समर्थन दिया। इस दौरान सड़कों पर भी आम दिनों की तुलना में काफी कम आवाजाही देखी गई।स्वर्ण समाज के आह्वान पर किए गए इस बंद को व्यापारिक संगठनों और आमजन का भरपूर सहयोग मिला। व्यापारियों ने कहा कि यह बंद पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा और कहीं से भी किसी तरह की अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। बंद को सफल बनाने में समाज के युवाओं और सामाजिक संगठनों की भी सक्रिय भूमिका रही।बंद के दौरान प्रशासन और पुलिस भी सतर्क नजर आई। प्रमुख चौराहों और बाजार क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। हालांकि, शांतिपूर्ण माहौल के चलते पुलिस को किसी प्रकार की सख्ती करने की आवश्यकता नहीं पड़ी।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि भारत बंद का उद्देश्य अपनी मांगों को सरकार तक शांतिपूर्ण तरीके से पहुंचाना था, जिसमें करौली जिले की जनता ने एकजुटता दिखाते हुए सहयोग किया। बंद के चलते जनजीवन कुछ समय के लिए प्रभावित जरूर हुआ, लेकिन लोगों ने इसे सामाजिक मुद्दे से जुड़ा बताते हुए समर्थन दिया।
कुल मिलाकर, यूजीसी के विरोध में किया गया भारत बंद करौली जिले में पूरी तरह सफल रहा, जिसमें व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की सहभागिता सराहनीय रही।