नई दिल्ली 1 फरवरी 2026 ( दैनिक खबरनामा) नई दिल्ली आज से सिगरेट, पान मसाला और अन्य तंबाकू उत्पादों की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी हो गई है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए टैक्स ढांचे के तहत इन तथाकथित ‘सिन गुड्स’ पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाया गया है। इसके साथ ही पान मसाला पर नया हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस भी लागू कर दिया गया है।नए नियमों के लागू होने से पहले इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत जीएसटी के साथ जुलाई 2017 से चल रहा मुआवजा उपकर (Compensation Cess) लगाया जाता था। अब उसकी जगह नया एक्साइज ड्यूटी सिस्टम लागू किया गया है।नए ढांचे के अनुसार, गैर-मानक और विशेष डिजाइन वाली सिगरेट पर प्रति 1,000 स्टिक पर 2,050 रुपये से लेकर 8,500 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लगेगी, जो कुछ श्रेणियों में 11,000 रुपये तक पहुंच सकती है। यह टैक्स सिगरेट की लंबाई और किस्म के आधार पर तय किया गया है।रिपोर्ट्स के मुताबिक, 65 मिमी तक की छोटी बिना फिल्टर वाली सिगरेट पर करीब 2.05 रुपये प्रति स्टिक एक्साइज ड्यूटी लगेगी, जबकि इसी लंबाई की फिल्टर सिगरेट पर लगभग 2.10 रुपये प्रति स्टिक टैक्स देना होगा। मीडियम साइज सिगरेट पर यह टैक्स करीब 4 रुपये और लंबी सिगरेट पर लगभग 5.40 रुपये प्रति स्टिक तक पहुंच सकता है।इस बदलाव के बाद सिगरेट पर कुल टैक्स बोझ 60 से 70 प्रतिशत तक पहुंचने की संभावना है, जो पहले 50 से 55 प्रतिशत के आसपास था। विशेषज्ञों का मानना है कि अभी 18 रुपये में मिलने वाली सिगरेट की कीमत भविष्य में 70 से 72 रुपये तक जा सकती है।
सिगरेट के अलावा कच्चे तंबाकू पर भी 60 से 70 प्रतिशत तक एक्साइज ड्यूटी लगाई गई है। वहीं ई-सिगरेट और अन्य निकोटिन उत्पादों पर 100 प्रतिशत टैक्स लगाया जाएगा। पान मसाला और गुटखा जैसे उत्पादों पर भी हेल्थ और नेशनल सिक्योरिटी सेस लागू किया गया है।सरकार का कहना है कि इन करों का उद्देश्य लोगों को धूम्रपान और तंबाकू सेवन छोड़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। हालांकि, विशेषज्ञों और थिंक चेंज फोरम जैसे संगठनों ने आशंका जताई है कि अत्यधिक टैक्स से अवैध और तस्करी की सिगरेटों की बिक्री बढ़ सकती है, जिससे काले बाजार को बढ़ावा मिल सकता है।