नई दिल्ली 12 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा )नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्या कांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (RERA) को लेकर कड़ी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि सभी राज्यों को यह सोचने की जरूरत है कि RERA की स्थापना आखिर किन लोगों के लिए की गई थी।CJI सूर्या कांत ने कहा, “अब सभी राज्यों को उन लोगों के बारे में सोचना चाहिए जिनके लिए RERA बनाई गई थी। डिफॉल्ट करने वाले बिल्डरों को सुविधा देने के अलावा यह कुछ नहीं कर रही। बेहतर है इसे खत्म कर दिया जाए। यह टिप्पणी हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील की सुनवाई के दौरान की गई, जिसमें राज्य सरकार की अधिसूचना पर रोक लगाई गई थी। अधिसूचना के तहत RERA कार्यालय को शिमला से धर्मशाला स्थानांतरित करने का निर्णय लिया गया था।हाईकोर्ट ने पिछले साल आदेश में कहा था कि बिना वैकल्पिक कार्यालय स्थान तय किए यह निर्णय लिया गया है, जिससे RERA का कामकाज प्रभावित हो सकता है।हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप करते हुए राज्य सरकार को RERA कार्यालय शिमला से धर्मशाला शिफ्ट करने की अनुमति दे दी। साथ ही कोर्ट ने अपील ट्रिब्यूनल को भी धर्मशाला स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।पीठ ने कहा कि इससे RERA आदेशों से प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।
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