पंजाब 3 मार्च 2026 ( दैनिक खबरनामा ) मोहाली के खरड़ में वर्ष 2019 में हुए इंद्रजीत सिंह हत्याकांड में जिला अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए हरियाणा के गैंगस्टर कौशल चौधरी, अमित डागर और गुरदेव सिंह (जिला तरनतारन) को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया। कोर्ट ने 44 पन्नों के अपने विस्तृत फैसले में स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष आरोपियों के खिलाफ ठोस साक्ष्य पेश करने में असफल रहा। अदालत के अनुसार न तो कोई प्रत्यक्षदर्शी सामने आया, न हत्या का स्पष्ट मकसद साबित हुआ और न ही कोई ठोस फोरेंसिक लिंक स्थापित किया जा सका।गौरतलब है कि इससे पहले इस मामले में नौ अन्य आरोपियों को भी बरी किया जा चुका है। ऐसे में यह सवाल फिर उठने लगे हैं कि आखिर इंद्रजीत सिंह की हत्या किसने और क्यों की।यह मामला 8 नवंबर 2019 को खरड़ सिटी थाने में दर्ज हुआ था। फिरोजपुर निवासी इंद्रजीत सिंह अपने दोस्तों के साथ घूमने चंडीगढ़ आया था। बताया गया कि जब वे खरड़ क्षेत्र में सड़क पर पहुंचे तो पहले से घात लगाए दो युवकों ने मोटरसाइकिल रुकवाई और इंद्रजीत के सिर के पास से नजदीक से गोलियां चला दीं। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना स्थल के पास एक कार भी खड़ी पाई गई थी, जिसमें तीसरे व्यक्ति के शामिल होने की आशंका जताई गई थी।फैसले के बाद पीड़ित परिवार और जांच एजेंसियों के सामने अब असली आरोपियों तक पहुंचने की चुनौती और भी गंभीर हो गई है।