दैनिक खबरनामा 10 अप्रैल 2026 चंडीगढ़ समेत ट्राइसिटी में रंगदारी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। सेक्टर-9 स्थित चमनप्रीत उर्फ चिन्नी हत्याकांड की जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। मामले में गिरफ्तार आरोपी साहिल से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि शहर के क्लब संचालकों, होटल कारोबारियों और व्यापारियों से संगठित तरीके से रंगदारी वसूली जा रही थी।
जांच में सामने आया है कि आरोपी गैंगस्टर लक्की पटियाल और प्रिंस के नाम पर क्लबों और होटलों से पैसे मांगते थे। खुद को गैंगस्टरों का करीबी बताकर लोगों को डराया जाता था और हर महीने लाखों रुपये की उगाही की जाती थी। बुड़ैल और कजहेड़ी इलाके के कई होटल भी इस नेटवर्क के निशाने पर थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस पूरे नेटवर्क को विदेश में बैठा मुकुल राणा ऑपरेट कर रहा था, जो लक्की पटियाल और प्रिंस का करीबी बताया जा रहा है। जांच में गैंग से जुड़े कई अन्य गुर्गों के नाम भी सामने आए हैं, जिनकी तलाश जारी है।मामले में यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी क्लब संचालकों और होटल मालिकों की मोबाइल डिटेल, लोकेशन और गाड़ियों की जानकारी गैंगस्टरों तक पहुंचाते थे। इसके बाद उन्हें कॉल कर रंगदारी मांगी जाती थी और रकम न देने पर फायरिंग जैसी घटनाओं को अंजाम दिया जाता था।
पुलिस अब क्लब संचालकों और होटल मालिकों से पूछताछ कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ी जा सकें। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस संगठित वसूली रैकेट से जुड़े अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।जांच में मुकुल राणा और राहुल शर्मा के बीच कनेक्शन भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने शूटरों को हथियार, ठिकाना और आर्थिक मदद मुहैया कराई थी। पुलिस इस मामले में पहले ही राहुल शर्मा समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।चिन्नी हत्याकांड से पहले आरोपियों के बीच हुई कॉन्फ्रेंस कॉल और बड़ी वारदात की साजिश के भी सबूत मिले हैं, जिससे साफ है कि ट्राइसिटी में यह नेटवर्क बड़े स्तर पर सक्रिय था।