दैनिक खबरनामा 13 अप्रैल 2026 नेपाल के विदेश मंत्री खनाल इन दिनों मॉरीशस में आयोजित नौवें हिंद महासागर सम्मेलन में शामिल हैं, जहां भारत, मॉरीशस सरकार और इंडिया फाउंडेशन की ओर से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इस सम्मेलन में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भी पहुंचे हैं। खनाल ने इस दौरान कहा कि उनकी यात्रा को पूरी तरह परिणाम-उन्मुख बनाने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।खनाल ने बताया कि नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत आने का न्योता स्वीकार कर लिया है, लेकिन यह दौरा तभी संभव होगा जब दोनों देश तकनीकी और राजनीतिक स्तर पर अपनी तैयारियां पूरी कर लेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नेपाल और भारत अब सिर्फ औपचारिक या प्रतीकात्मक दौरों से आगे बढ़कर ठोस परिणाम देने वाले सहयोग पर ध्यान देना चाहते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, काठमांडू और नई दिल्ली दोनों ही “रूटीन” उच्च-स्तरीय यात्राओं से बचना चाहते हैं। दोनों देशों का फोकस अब उन परियोजनाओं पर है, जिनसे वास्तविक लाभ और प्रगति सुनिश्चित हो सके। हाल ही में खनाल और भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के बीच हुई बातचीत में भी यही सहमति बनी कि उच्च-स्तरीय बैठकों से पहले प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया जाएगा।नेपाल फिलहाल अपनी आंतरिक स्तर पर एक ठोस रूपरेखा तैयार कर रहा है, जिसमें तकनीकी और राजनीतिक दोनों पहलुओं को शामिल किया जाएगा। इसके बाद इस योजना को भारत के साथ साझा किया जाएगा। दोनों देशों ने मौजूदा परियोजनाओं की समीक्षा करने और सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर भी सहमति जताई है।जानकारी के मुताबिक, जब नेपाल अपनी तैयारियां पूरी कर लेगा, तब भारत के विदेश सचिव के नेपाल दौरे की संभावना है। भारत और नेपाल के बीच लगभग तीन दर्जन द्विपक्षीय तंत्र हैं, जो सुरक्षा, जल संसाधन, व्यापार, सीमा प्रबंधन और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों को कवर करते हैं, हालांकि इनमें से कुछ तंत्र लंबे समय से निष्क्रिय पड़े हैं।