दैनिक खबरनामा 16 अप्रैल 2026 अंबाला छावनी के उप-मंडलाधिकारी कार्यालय में एक बड़े वाहन पंजीकरण घोटाले का खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि बाहरी राज्यों, खासकर तमिलनाडु और नगालैंड के वाहनों को फर्जी दस्तावेजों और नकली पतों के जरिए हरियाणा में पंजीकृत किया जा रहा था।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 213 वाहनों की पहचान की गई है, जिनका पंजीकरण धोखाधड़ी से किया गया। इस पूरे खेल का मकसद हरियाणा में कम रजिस्ट्रेशन शुल्क का फायदा उठाना और टैक्स चोरी करना था। अनुमान है कि प्रति वाहन 1 से 2 लाख रुपये तक अवैध वसूली की गई, जिससे यह घोटाला करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है।जांच में कई चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। एक हाइड्रोलिक मोबाइल क्रेन “के.पी. कंस्ट्रक्शन” के नाम पर दर्ज थी, लेकिन जांच में गांव में ऐसी कोई कंपनी मौजूद नहीं मिली और उसका असली मालिक तमिलनाडु का निकला। इसी तरह “एसआर क्रेन सर्विसेज” के नाम पर दर्ज एक अन्य वाहन का मालिक कोयंबटूर का निवासी पाया गया।जांच समिति ने इस मामले को नियमों की गंभीर अवहेलना और राजस्व को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की साजिश बताया है। नियमों के अनुसार वाहन का पंजीकरण वहीं होना चाहिए जहां मालिक का स्थायी निवास हो, लेकिन इस मामले में फर्जी पते और दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया।जांच में यह भी पाया गया कि कई जरूरी दस्तावेज जैसे फॉर्म 20, 21 और 22 गायब थे और उनकी जगह केवल असत्यापित फोटोकॉपी फाइलों में रखी गई थीं। न तो वैध बीमा कागजात मौजूद थे और न ही मोटर वाहन निरीक्षक का प्रमाण पत्र। अंबाला में निवास का कोई वैध प्रमाण भी जमा नहीं किया गया था।
रिपोर्ट में प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका जताई गई है। जांचकर्ताओं का मानना है कि स्थानीय स्तर पर सहयोग के बिना इतने बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा संभव नहीं है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इन फर्जी नंबरों का इस्तेमाल चोरी के वाहनों को चलाने में तो नहीं किया गया।यह जांच 30 मार्च को शुरू की गई थी और इसकी विस्तृत रिपोर्ट अंबाला के उपायुक्त को सौंप दी गई है। मामले में जल्द ही पुलिस केस दर्ज होने की संभावना है।