दैनिक लहबरनामा 20 अप्रैल 2026 पंजाब में बेअदबी जैसे संवेदनशील मामलों की जांच को और प्रभावी बनाने के लिए पुलिस ने नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू की है। पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (PBI) द्वारा तैयार इस SOP का उद्देश्य जांच में पारदर्शिता, फॉरेंसिक सटीकता और समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करना है।नई व्यवस्था के तहत, किसी भी बेअदबी की सूचना मिलते ही संबंधित SHO और जांच अधिकारी को तुरंत मौके पर पहुंचना अनिवार्य होगा। घटना स्थल पर सबूतों की सुरक्षा के लिए दो स्तर का घेरा बनाया जाएगा—एक आंतरिक और एक बाहरी, ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।धार्मिक सम्मान को ध्यान में रखते हुए, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अंगों या अन्य धार्मिक प्रतीकों को केवल अधिकृत धार्मिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी में ही पूरी मर्यादा के साथ संभाला जाएगा। साथ ही हर घटना स्थल की हाई-रिजॉल्यूशन फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और मैपिंग कराई जाएगी तथा फॉरेंसिक टीम को तुरंत बुलाया जाएगा।पुलिस अब केवल आरोपी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मामले के पीछे की साजिश, फंडिंग और मास्टरमाइंड तक जांच का दायरा बढ़ाया जाएगा। इन मामलों की निगरानी सीधे SSP या पुलिस कमिश्नर द्वारा की जाएगी।इसके अलावा, यदि आरोपी की मानसिक स्थिति संदिग्ध पाई जाती है, तो उसकी जांच के लिए फॉरेंसिक मनोवैज्ञानिकों का मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। SOP के अनुसार, हर मामले की जांच 60 से 90 दिनों के भीतर पूरी कर चालान पेश करना अनिवार्य होगा।पंजाब सरकार के बेअदबी कानून के तहत दोषी पाए जाने पर कम से कम 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इसके साथ ही 5 लाख से 25 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। ऐसे मामलों को गैर-जमानती श्रेणी में रखा गया है।