दैनिक खबरनामा 20 अप्रैल 2026 हिमाचल प्रदेश के शिमला ग्रामीण और किन्नौर जिलों में कांग्रेस अध्यक्षों की नियुक्ति गुटबाजी के चलते अब तक लंबित है। जबकि पार्टी अन्य जिलों में तीन महीने पहले ही अध्यक्ष नियुक्त कर चुकी है, इन दो अहम जिलों में फैसला न हो पाने से संगठनात्मक कमजोरी साफ नजर आ रही है। आगामी पंचायत और नगर निकाय चुनावों की आहट के बीच यह देरी पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गई है।शिमला में कांग्रेस के भीतर कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी भी नियुक्ति में बाधा बन रही है। यहां सुक्खू कैबिनेट के मंत्री रोहित ठाकुर, अनिरुद्ध सिंह और विक्रमादित्य सिंह के अलावा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर भी प्रभावशाली माने जाते हैं। ऐसे में अध्यक्ष पद के लिए कई दावेदार सामने हैं।दीपक राठौर को इस पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। उनका राहुल गांधी से सीधा संपर्क और संगठन में लंबा अनुभव उनकी दावेदारी को मजबूत बनाता है। हालांकि, उनकी दावेदारी ही नियुक्ति में देरी का कारण भी मानी जा रही है।इसके अलावा रूपेश कंवल, जिन्हें प्रतिभा सिंह का करीबी माना जाता है, और एससी वर्ग से आने वाले यशपाल तनाइक भी मजबूत दावेदार हैं। यशपाल को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का समर्थन मिलने की चर्चा है।वहीं, महेंद्र स्तान और सुधीर आजाद की दावेदारी कमजोर पड़ती दिख रही है, क्योंकि दोनों को पहले ही अन्य पद मिल चुके हैं। पार्टी की “वन मैन, वन पोस्ट” नीति के चलते इनके नाम लगभग बाहर माने जा रहे हैं।कुल मिलाकर, गुटबाजी और कई दावेदारों के चलते हाईकमान अब किसी सरप्राइजिंग नाम पर भी फैसला ले सकता है।
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