दैनिक खबरनमा 26 अप्रैल 2026पंजाब में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटर अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनते नजर आ रहे हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार तस्कर इन मीटरों में लगे सिम कार्ड का दुरुपयोग कर अपनी लोकेशन सीमा पार बैठे पाकिस्तानी तस्करों तक पहुंचा रहे हैं। इसके बाद ड्रोन के जरिए उसी स्थान पर नशीले पदार्थ और हथियार गिराए जा रहे हैं, जिससे तस्करी का नेटवर्क और मजबूत हो रहा है।सूत्रों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर में मौजूद जीएसएम मॉड्यूल और सिम कार्ड आमतौर पर बिजली खपत का डेटा कंट्रोल रूम तक भेजने के लिए इस्तेमाल होते हैं। लेकिन तस्कर इन सिम को निकालकर मोबाइल फोन में डाल रहे हैं और लोकेशन शेयर कर रहे हैं। इससे सीमा के अंदर तक खेप पहुंचाना आसान हो गया है।इस मामले को गंभीर मानते हुए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (BSF) और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। कुछ मामलों को ट्रैक भी किया गया है और इन पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह तरीका राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
साथ ही, विशेषज्ञों ने साइबर सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई है। पावरकॉम के अधिकारियों के अनुसार, यदि असामाजिक तत्व स्मार्ट मीटर सिस्टम में सेंध लगाते हैं तो बड़े इलाके की बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।तस्करी के तरीके भी लगातार बदल रहे हैं। पहले जहां पारंपरिक तरीकों से सीमा पार से सामान भेजा जाता था, वहीं अब ड्रोन तकनीक का तेजी से इस्तेमाल बढ़ा है। इससे सुरक्षा एजेंसियों की चुनौती और बढ़ गई है।पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और बीएसएफ व अन्य एजेंसियों से इनपुट मांगा गया है। इनपुट मिलने के बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।