दैनिक खबरनामा 19 अप्रैल 2026 प्रदेश के निजी स्कूलों में आरटीई (शिक्षा का अधिकार) के तहत दाखिले की प्रक्रिया तय समय सीमा के साथ समाप्त हो गई। अंतिम तारीख बीतते ही एडमिशन पोर्टल बंद कर दिया गया। इस वर्ष कुल 60,479 सीटों के मुकाबले केवल 41,160 आवेदन ही दर्ज हुए, जिससे 19,319 सीटें खाली रह गईं। इसके अलावा करीब 14 हजार से अधिक अभ्यर्थी अपने आवेदन अंतिम रूप से जमा नहीं कर सके, जिसके कारण उनका दाखिला अधर में लटक गया है।शिक्षाविदों का मानना है कि आवेदन प्रक्रिया में तकनीकी खामियों और जटिलता के चलते कई पात्र परिवार अंतिम चरण तक नहीं पहुंच पाए। ऐसे में सरकार से मांग उठ रही है कि आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि सभी जरूरतमंद बच्चों को मुफ्त शिक्षा का लाभ मिल सके। आंकड़ों के अनुसार आवेदन करने वालों में 21,188 लड़के और 19,970 लड़कियां शामिल हैं।जिला स्तर पर भी स्थिति मिश्रित रही। कुछ जिलों में सीटों के मुकाबले आवेदन कम रहे, जबकि कुछ में अधिक आवेदन प्राप्त हुए। उदाहरण के तौर पर अंबाला में 2380 सीटों के मुकाबले 1872 आवेदन आए, वहीं भिवानी में 2235 सीटों के खिलाफ 2465 आवेदन दर्ज हुए। गुरुग्राम, फरीदाबाद और नूंह जैसे जिलों में आवेदन अपेक्षाकृत कम रहे, जबकि करनाल और यमुनानगर में सीटों से अधिक आवेदन पहुंचे।
अब शिक्षा विभाग के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि खाली सीटों को भरने के लिए सरकार दोबारा आवेदन का मौका दे सकती है, जिससे वंचित बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित किया जा सके।