दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 1 जून : अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने का दावा किया है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, सप्ताहांत के दौरान ईरान के कुछ रडार केंद्रों और मानवरहित विमान संचालन से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। अमेरिका का कहना है कि यह कदम उसकी सुरक्षा से जुड़े हितों की रक्षा के लिए उठाया गया।
अमेरिकी पक्ष के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र के ऊपर उड़ रहे उसके एक मानवरहित विमान को मार गिराया गया था। इसके बाद की गई कार्रवाई में ईरानी वायु सुरक्षा प्रणालियों, नियंत्रण केंद्रों और हमलावर क्षमता वाले कुछ मानवरहित विमानों को नुकसान पहुंचाया गया। अमेरिका ने यह भी कहा कि इस अभियान में उसके किसी सैनिक को क्षति नहीं पहुंची।
दूसरी ओर, ईरान की इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड सेना ने जवाबी कार्रवाई का दावा किया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, उनकी एयरोस्पेस इकाई ने उस सैन्य अड्डे को निशाना बनाया, जिसका उपयोग कथित रूप से ईरानी क्षेत्र में हुए हमले के दौरान किया गया था। हालांकि, संबंधित सैन्य अड्डे का स्थान सार्वजनिक नहीं किया गया है।
दोनों देशों के बीच हाल के दिनों में कई बार तनावपूर्ण घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे पहले भी समुद्री मार्गों और सामरिक क्षेत्रों के आसपास सैन्य गतिविधियां बढ़ने की खबरें आई थीं। जवाबी कार्रवाइयों के इस सिलसिले ने पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास नहीं किए गए, तो क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है।