दैनिक खबरनामा 25 अप्रैल 2026 अंबाला सिटी नगर निगम चुनाव के नामांकन के आखिरी दिन कांग्रेस पार्टी के भीतर बड़ा सियासी घमासान देखने को मिला। पार्टी ने वार्ड-19 से पहले घोषित उम्मीदवार का टिकट ऐन वक्त पर बदल दिया, जिससे अंदरूनी गुटबाजी खुलकर सामने आ गई।जानकारी के मुताबिक, नामांकन खत्म होने से महज 3 घंटे पहले कांग्रेस ने सचिन पुनिया का टिकट काटकर पुनीत कवि को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया। सचिन पुनिया को सांसद कुमारी सैलजा का समर्थक माना जाता है, जबकि पुनीत कवि को स्थानीय विधायक चौधरी निर्मल सिंह का करीबी बताया जा रहा है।इस फैसले से सैलजा गुट में नाराजगी साफ नजर आ रही है। सचिन पुनिया को कुछ दिन पहले ही टिकट मिला था, जिसके बाद उन्होंने प्रचार भी शुरू कर दिया था और पोस्टर-पैम्फलेट तक छपवा लिए थे। अचानक हुए इस बदलाव ने कार्यकर्ताओं को हैरान कर दिया।पार्टी सूत्रों के अनुसार, टिकट बदलने के पीछे स्थानीय स्तर पर दबाव की राजनीति अहम कारण रही। इससे कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी एक बार फिर उजागर हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के फैसले का सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ सकता है।
यह विवाद नया नहीं है। 2019 विधानसभा चुनाव के दौरान भी निर्मल सिंह और सैलजा गुट के बीच टकराव सामने आ चुका है। इसके अलावा हालिया चुनावों में टिकट वितरण को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच खींचतान रही है।वहीं, सिर्फ अंबाला ही नहीं, सोनीपत में भी कांग्रेस के भीतर असंतोष बढ़ता दिख रहा है। कई नेताओं के टिकट कटने के बाद बगावत के सुर तेज हो गए हैं, जिससे पार्टी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।तकनीकी रूप से, अगर सचिन पुनिया नामांकन भरते भी हैं, तो बिना आधिकारिक पार्टी सिंबल के उनका पर्चा मान्य नहीं होगा।