दैनिक खबरनामा | 12 अगस्त | चंडीगढ़: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह हत्याकांड में दोषी ठहराए गए जगतार सिंह हवारा की पैरोल को लेकर पंजाब में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जानकारी के मुताबिक, सरकार की ओर से हवारा को एक दिन की पैरोल मंजूर की गई थी, लेकिन उन्होंने इतनी कम अवधि की पैरोल स्वीकार करने से मना कर दिया। हवारा की मांग है कि उन्हें कम से कम 10 दिनों की पैरोल दी जाए, ताकि वह अपनी अस्वस्थ मां के साथ समय बिता सकें।
इसी मुद्दे को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने मानवीय आधार पर हवारा को 10 दिन की पैरोल देने की सिफारिश की। उन्होंने राज्यपाल को बताया कि हवारा की मां लंबे समय से बीमार हैं और वह अपने बेटे से मिलना चाहती हैं।
भगवंत मान ने राज्यपाल को यह भी आश्वासन दिया कि पैरोल मिलने की स्थिति में पंजाब सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की पूरी जिम्मेदारी उठाएगी। उन्होंने कहा कि पैरोल के दौरान नारेबाजी, हुड़दंग या ऐसी किसी गतिविधि की अनुमति नहीं दी जाएगी, जिससे सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो।
31 साल बाद मां से मिलने की मांग
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि करीब 31 वर्षों के बाद हवारा को मानवीय आधार पर अपनी मां से मिलने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर उन्होंने राज्यपाल से मुलाकात की है।
मान के मुताबिक, पंजाब सरकार ने हवारा के लिए 10 दिन की पैरोल का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि गुलाब चंद कटारिया चंडीगढ़ के प्रशासक भी हैं और मामला केंद्र शासित प्रदेश से संबंधित होने के कारण पैरोल की सिफारिश संबंधित स्तर से आगे भेजी जाएगी। अंतिम निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय को लेना है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने राज्यपाल को स्पष्ट रूप से भरोसा दिया है कि हवारा की पैरोल के दौरान किसी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न नहीं होने दी जाएगी। किसी भी तरह के प्रदर्शन, उग्र नारेबाजी या सार्वजनिक अव्यवस्था पर रोक रहेगी।
भगवंत मान के अनुसार, हवारा की पैरोल की मांग को लेकर सक्रिय धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी शांति बनाए रखने का भरोसा दिया है। पंजाब सरकार ने इसी आश्वासन के आधार पर राज्यपाल के समक्ष 10 दिन की पैरोल की सिफारिश रखी है।
केंद्र से औपचारिकताएं पूरी कराने का आश्वासन
भगवंत मान ने बताया कि राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस मामले में केंद्र सरकार से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि प्रक्रिया जल्द पूरी होगी और जगतार सिंह हवारा अपनी बीमार मां से मिलने उनके पास पहुंच सकेंगे।