दैनिक खबरनामा 8 मई 2026 नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में संभावित सत्ता परिवर्तन के साथ केंद्र सरकार की कई लंबित योजनाओं को नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है। लंबे समय से केंद्र और राज्य सरकार के बीच विभिन्न योजनाओं को लेकर चल रहे विवाद के कारण कई परियोजनाएं अटकी हुई थीं। अब नई सरकार बनने के बाद इन योजनाओं के क्रियान्वयन का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।सूत्रों के अनुसार केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार के बीच खींचतान के चलते जनगणना का पहला चरण भी शुरू नहीं हो पाया था। माना जा रहा है कि नई राजनीतिक परिस्थितियों में यह प्रक्रिया भी जल्द शुरू हो सकती है।Mamata Banerjee सरकार ने केंद्र की कई प्रमुख योजनाओं को राज्य में लागू नहीं किया था। इनमें Ayushman Bharat Yojana प्रमुख रही। राज्य सरकार का तर्क था कि वह पहले से ही इसी तरह की स्वास्थ्य योजना चला रही है। इसके अलावा Pradhan Mantri Kisan Samman Nidhi और Pradhan Mantri Awas Yojana को लेकर भी केंद्र और राज्य के बीच फंडिंग और लाभार्थियों की संख्या को लेकर विवाद बना रहा।स्कूलों के उन्नयन से जुड़ी PM SHRI Scheme भी बंगाल में राजनीतिक विवादों के कारण आगे नहीं बढ़ सकी। हाल ही में Narendra Modi ने चुनावी रैली में आरोप लगाया था कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं का नाम बदल देती है या उन्हें पूरी तरह लागू नहीं करती।