नई दिल्ली स्थाई फरवरी 2026 ( दैनिक खबरनामा) नई दिल्ली भारतीय नौसेना की समुद्री ताकत में गुरुवार को अहम बढ़ोतरी हुई जब पनडुब्बी रोधी युद्धपोत INS Arnala (अंजदीप) को औपचारिक रूप से नौसेना में शामिल किया गया। चेन्नई बंदरगाह पर आयोजित समारोह में नौसेना प्रमुख Admiral Dinesh Kumar Tripathi ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में इस युद्धपोत को कमीशन किया।यह पोत कोलकाता स्थित Garden Reach Shipbuilders & Engineers (जीआरएसई) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित किया गया है। यह उथले पानी में काम करने की क्षमता वाले आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों की श्रृंखला का तीसरा जहाज है।रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस पोत को ‘डॉल्फिन हंटर’ के रूप में तैयार किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य तटीय क्षेत्रों में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाना, उनका पीछा करना और उन्हें नष्ट करना है। यह अत्याधुनिक स्वदेशी पनडुब्बी रोधी युद्ध प्रणाली से लैस है।करीब 77 मीटर लंबे इस युद्धपोत में हाई-स्पीड वॉटर-जेट प्रोपल्शन सिस्टम लगाया गया है, जिससे यह 25 समुद्री मील तक की अधिकतम गति प्राप्त कर सकता है। इस श्रेणी के पोत वॉटर-जेट से चलने वाले नौसेना के अब तक के सबसे बड़े युद्धपोत माने जा रहे हैं।इनमें आधुनिक हल्के टॉरपीडो, स्वदेशी पनडुब्बी रोधी रॉकेट और उथले पानी में काम करने वाला उन्नत सोनार सिस्टम लगाया गया है, जिससे समुद्र की गहराई में छिपे खतरों का समय रहते पता लगाया जा सके।पनडुब्बी रोधी अभियानों के अलावा यह युद्धपोत तटीय निगरानी, कम तीव्रता वाले समुद्री ऑपरेशन, खोज एवं बचाव कार्यों और समुद्री बारूदी सुरंग बिछाने जैसे अभियानों को अंजाम देने में भी सक्षम है।इस नए युद्धपोत के शामिल होने से भारतीय नौसेना की तटीय सुरक्षा और समुद्री निगरानी क्षमता को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।