दैनिक खबरनामा। चंडीगढ़, 31 अक्टूबर: त्योहारों के सीजन में चंडीगढ़ की सेक्टर-22 मार्केट में फड़ी लगाने के नाम पर ठगी का मामला उजागर हुआ है। यहां कुछ लोगों को नगर निगम की इन्फोर्समेंट ब्रांच के नाम से तैयार की गईं फर्जी पर्चियां थमाकर उनसे तीन से चार हजार रुपये तक वसूल किए गए। आरोपित ने कंप्यूटर की मदद से ऐसी पर्चियां तैयार की थीं, जिनका प्रारूप देखने में नगर निगम की ओर से जारी की जाने वाली आधिकारिक रसीदों जैसा था।
मामले की भनक लगने के बाद नगर निगम की इन्फोर्समेंट विंग हरकत में आई। अधिकारियों ने जांच के दौरान कई फड़ी संचालकों के पास से संदिग्ध पर्चियां बरामद कीं। इसके बाद सेक्टर-17 पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई गई। पुलिस ने धोखाधड़ी सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सेक्टर-17 थाना प्रभारी सुदेश कुमार के मुताबिक, निगम की तरफ से शिकायत मिलने के बाद कानूनी कार्रवाई की गई है। पुलिस अब इन्फोर्समेंट ब्रांच से बरामद पर्चियों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटा रही है। साथ ही इन्हें तैयार करने और फड़ी संचालकों तक पहुंचाने वाले व्यक्ति की पहचान करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एक पर्ची से खुला फर्जीवाड़े का राज
इन्फोर्समेंट विंग के इंस्पेक्टर ललित कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-22सी मार्केट में अवैध रूप से फड़ी लगाने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। पूछताछ के दौरान संबंधित व्यक्ति ने नगर निगम की पर्ची दिखाई। दस्तावेज देखने के बाद ललित कुमार को संदेह हुआ, क्योंकि सेक्टर-22सी में रेहड़ी-फड़ी लगाने के लिए निगम की ओर से पर्चियां जारी करने की व्यवस्था पहले ही बंद की जा चुकी है।
उन्होंने विभागीय स्तर पर इसकी पुष्टि करवाई तो सामने आया कि दिखाई गई रसीद पूरी तरह फर्जी थी। इसके बाद अधिकारियों ने सेक्टर-22बी स्थित मोबाइल मार्केट में भी जांच की। वहां कई फड़ी संचालकों ने बताया कि उन्हें भी इसी तरह की पर्चियां देकर पैसे लिए गए हैं।
असली और नकली पर्चियों में अवधि का अंतर
इंस्पेक्टर ललित कुमार के अनुसार, नगर निगम की वास्तविक पर्चियां सामान्य तौर पर केवल तीन दिन के लिए मान्य होती हैं। इसके विपरीत बरामद नकली पर्चियों पर 12 से 15 दिनों तक की वैधता दर्शाई गई थी। इसी अंतर ने भी अधिकारियों का संदेह मजबूत किया।
तीन हजार रुपये में दी जा रही थीं नकली रसीदें
पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि फड़ी संचालकों को एक फर्जी पर्ची करीब तीन हजार रुपये में बेची गई थी। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ लोगों से इससे अधिक रकम भी वसूली गई हो सकती है। अब तक सात से आठ नकली पर्चियां पुलिस को सौंपी जा चुकी हैं।
इस मामले में दक्ष नाम के एक व्यक्ति का भी जिक्र सामने आया है। बताया जा रहा है कि वह पहले सेक्टर-22 की मोबाइल मार्केट में फड़ी लगाता था, लेकिन फिलहाल उसका कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करने के साथ ही उसकी तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे फर्जीवाड़े और इसमें शामिल लोगों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।