दैनिक खबरनामा 5 मई 2026 चंडीगढ़ शहर के बाजारों में फुटपाथों और सार्वजनिक रास्तों पर दुकानदारों द्वारा किए जा रहे अतिक्रमण के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने चंडीगढ़ नगर निगम को फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है और अगली सुनवाई से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने सेक्टर-34 को उदाहरण के रूप में पेश करते हुए फोटो और आरटीआई दस्तावेज अदालत के सामने रखे। आरोप लगाया गया कि कई दुकानदार अपनी दुकानों की सीमा से बाहर तक सामान और विज्ञापन सामग्री फैलाकर फुटपाथों पर कब्जा कर रहे हैं, जिससे पैदल यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण कर सार्वजनिक मार्गों को भी संकरा कर दिया गया है।याचिकाकर्ता ने बताया कि यह समस्या केवल एक सेक्टर तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे ट्राइसिटी क्षेत्र में व्यापक रूप से फैली हुई है और नगर निगम का प्रवर्तन तंत्र इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहा है।
अदालत ने पूछा कि क्या फुटपाथों का ऐसा उपयोग किसी भी कानून के तहत वैध है। बाद में पंजाब म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट, 1976 की धारा 44 का हवाला देते हुए बताया गया कि सार्वजनिक स्थलों से अतिक्रमण हटाना निगम की जिम्मेदारी है।हाईकोर्ट ने माना कि मामला सार्वजनिक महत्व का है और इस पर ठोस कार्रवाई जरूरी है।