चंडीगढ़ 14 मार्च 2026 ( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ के प्रशासक Gulab Chand Kataria ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में “साहब-साहब” की संस्कृति खत्म होनी चाहिए और हर व्यक्ति को समान सम्मान मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिस्टम ऐसा नहीं होना चाहिए जो किसी व्यक्ति को छोटा महसूस कराए। जब व्यवस्था लोगों में आत्मसम्मान पैदा करती है, तभी वास्तविक परिवर्तन संभव होता है।उन्होंने यह बातें Urban Innovation Summit 2026 में कही। कटारिया ने कहा कि शहरों की प्लानिंग हमेशा 20–25 साल आगे की सोच के साथ की जानी चाहिए, ताकि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास हो सके। उन्होंने कहा कि किसी भी शहर के कमिश्नर का काम काफी चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि उन्हें जनता की अपेक्षाओं को संभालने के साथ-साथ नियमों का पालन भी सुनिश्चित करना पड़ता है।कटारिया ने कहा कि आधुनिक समय में शहरों के विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। एआई की मदद से योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकता है और शहरों को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकता है।उन्होंने शहर में बढ़ते प्रदूषण और वाहनों की संख्या पर भी चिंता जताई। उनका कहना था कि भविष्य में ऐसा दिन आना चाहिए जब लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का अधिक उपयोग करें। इसके लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत और सस्ता बनाना जरूरी है, भले ही इसके लिए प्रशासन को कुछ आर्थिक नुकसान ही क्यों न उठाना पड़े।कटारिया ने कहा कि आज चंडीगढ़ में वाहनों की संख्या इतनी अधिक हो गई है कि कई बार यह जनसंख्या से भी ज्यादा प्रतीत होती है। पार्किंग की पर्याप्त व्यवस्था न होने के कारण लोग सड़कों पर ही वाहन खड़े कर देते हैं। ऐसे में अलग-अलग स्थानों पर पार्किंग और गैराज बनाए जाने चाहिए। साथ ही यदि कोई सड़क पर वाहन पार्क करता है तो उससे शुल्क भी लिया जाना चाहिए, ताकि शहर की व्यवस्था बेहतर बनाई जा सके।
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