दैनिक खबरनामा 18 अप्रैल 2026 पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट की कार्यप्रणाली पर हैरानी जताते हुए कड़ी टिप्पणी की है। अदालत ने कहा कि एक ही मामले में दो अलग-अलग प्रक्रियाएं अपनाना न्यायिक लापरवाही को दर्शाता है।जस्टिस मनीषा बत्रा ने बठिंडा की ट्रायल कोर्ट के आदेशों को ‘विचित्र’ करार दिया। उन्होंने कहा कि पहले आरोपी को भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन उसे आगे बढ़ाने के बजाय बाद में गैर-जमानती वारंट जारी कर दिए गए, जो न्यायिक प्रक्रिया के विपरीत है।यह मामला मार्च 2024 में दर्ज एनडीपीएस केस से जुड़ा है। आरोपी 1 मई 2025 को अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके चलते उसकी जमानत रद्द कर दी गई। हालांकि बाद में आरोपी ने सरेंडर किया और 7 मई को उसे दोबारा जमानत मिल गई। इसके बाद 10 अक्टूबर 2025 को फिर अनुपस्थित रहने पर अदालत ने उसके खिलाफ भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की।हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि एक बार किसी प्रक्रिया की शुरुआत हो जाए तो उसे उसी दिशा में आगे बढ़ाया जाना चाहिए। बीच में प्रक्रिया बदलकर गैर-जमानती वारंट जारी करना न्यायिक मानकों के अनुरूप नहीं है।अदालत ने आरोपी को 15 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह भी कहा गया है कि नए मुचलके भरने पर आरोपी को दोबारा जमानत दी जा सकती है।
You May Also Like
डिफरेंटली डिफरेंट पंचम’ ने बांधा समां: पंचम दा के अमर गीतों से सजी संगीतमय शाम, हर साल होगा आयोजन
- Kumar
- June 29, 2026
मोहाली में वेरका की नई पहल: मोबाइल वैन से मिलेगा सस्ता खुला दूध, प्लास्टिक कचरा घटाने पर जोर
- Editorial Team
- June 7, 2026
चंडीगढ़ में सोमवार को किसान आंदोलन, कई सड़कें रहेंगी बंद; ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
- Editorial Team
- July 12, 2026
बलटाना के वार्ड-4 में सड़क पर बना खतरनाक गड्ढा, स्थानीय निवासियों में चिंता
- Editorial Team
- June 9, 2026