दैनिक ख़बरनामा 12 मई 2026 चंडीगढ़ में रेहड़ी-फड़ी और अवैध वेंडरों के मुद्दे पर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होने जा रही है। मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए चंडीगढ़ प्रशासन और शिकायत निवारण एवं विवाद समाधान समिति (GRDRC) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।अदालत ने GRDRC और टाउन वेंडिंग कमेटी के चेयरपर्सन समेत तीन अधिकारियों को पेश होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने मेयर से भी कई अहम सवाल पूछे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने जानना चाहा कि विभिन्न वार्डों से संबंधित कितनी अपीलें अब तक लंबित हैं और उनका निपटारा तय समय में क्यों नहीं किया गया।सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि जब पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट तय समय सीमा में मामलों का समाधान कर सकता है, तो अपीलीय प्राधिकरण होने के बावजूद नगर निगम स्तर पर कार्रवाई लंबित क्यों है।“सिटी ब्यूटीफुल” की बिगड़ती हालत पर कोर्ट की नाराजगी
सुप्रीम कोर्ट ने चंडीगढ़ की मौजूदा व्यवस्था पर भी तीखी टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि कभी “सिटी ब्यूटीफुल” के नाम से पहचाने जाने वाले चंडीगढ़ की स्थिति अब अव्यवस्थित होती जा रही है। कोर्ट ने कहा कि शहर, जो अपनी साफ-सफाई, अनुशासित ट्रैफिक और योजनाबद्ध ढांचे के लिए जाना जाता था, अब कई जगहों पर स्लम जैसी स्थिति में दिखाई देता है।
अदालत ने सड़कों, फुटपाथों और बाजारों में बढ़ते अतिक्रमण पर चिंता जताते हुए पूछा कि जब शहर में पहले से वेंडिंग जोन तय हैं, तो अवैध वेंडरों को वहां शिफ्ट क्यों नहीं किया जा रहा।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि केवल चालान काटना समस्या का समाधान नहीं है। प्रशासन को स्थायी और प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी ताकि शहर की मूल पहचान और व्यवस्था बनी रहे।