दैनिक खबरनामा 8 मई 2026 चंडीगढ़ में 2022 के स्नैचिंग मामले में अदालत ने एक आरोपी को चोरी का सामान रखने के मामले में दोषी करार दिया है, जबकि स्नैचिंग के आरोप से बरी कर दिया। मामले में शिकायतकर्ताओं के अदालत में पलट जाने से अभियोजन पक्ष को बड़ा झटका लगा।एडिशनल सेशंस जज अमित कुमार ग्रोवर की अदालत ने आरोपी वाहिद अली को आईपीसी की धारा 411 के तहत दोषी माना। वहीं दूसरे आरोपी अनीश कुमार को अभी दोषी नहीं ठहराया गया है, क्योंकि वह सुनवाई के दौरान फरार हो गया था। अदालत उसे जनवरी 2026 में भगोड़ा घोषित कर चुकी है। उसके पकड़े जाने या सरेंडर करने के बाद सुनवाई आगे बढ़ेगी।
मामला सेक्टर-39 थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार 6 नवंबर 2022 की शाम सेक्टर-54 के पास टैक्सी स्टैंड के नजदीक एक्टिवा सवार दो युवकों ने मजदूर कमलेश चंदर और इंतजार से मोबाइल फोन और नकदी छीन ली थी। दोनों वारदातें कुछ मिनट के अंतराल में हुई थीं।जांच के दौरान पुलिस ने वाहिद अली को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन बरामद किया था। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा भी बरामद करने का दावा किया, जो चोरी की निकली थी।हालांकि सुनवाई के दौरान दोनों शिकायतकर्ता आरोपियों की पहचान नहीं कर सके। उन्होंने अदालत में कहा कि गिरफ्तारी और मोबाइल बरामदगी उनके सामने नहीं हुई थी। इसके चलते अदालत ने स्नैचिंग का आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं माना।फिर भी बरामद मोबाइल, रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने वाहिद अली को चोरी का सामान रखने का दोषी माना। अदालत ने सजा तय करते समय आरोपी की उम्र, पारिवारिक जिम्मेदारियों और इस मामले में पहले ही करीब 9 महीने जेल में बिताने को भी ध्यान में रखा।