दैनिक खबरनामा | 6 अगस्त 2026 | ग्रेटर नोएडा
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की निराला ग्रीन आर्क सोसायटी में कथित रूप से दूषित गंगाजल की आपूर्ति के बाद स्वास्थ्य संकट गहरा गया है। सोसायटी के निवासियों का दावा है कि पानी की जांच में कोलीफार्म और ई.कोलाई बैक्टीरिया पाए गए हैं। इसके चलते 11 टावरों में रहने वाले करीब 1,640 परिवारों के बीच भय और चिंता का माहौल है। लोगों ने इस मामले में अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है।
स्थानीय निवासियों के मुताबिक, पिछले दो महीनों से गंगाजल की गुणवत्ता को लेकर लगातार शिकायतें की जा रही थीं। बीते एक सप्ताह में सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुपों पर उल्टी, दस्त, पेट दर्द और बुखार से पीड़ित लोगों की शिकायतें तेजी से बढ़ने लगीं, जिसके बाद मामले की गंभीरता सामने आई।
शिकायतों के बाद एओए ने पानी के सैंपल एक निजी प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे। रिपोर्ट में पानी को पीने के लिए अनुपयुक्त बताया गया। जांच में कोलीफार्म और ई.कोलाई बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई, जिन्हें जलजनित बीमारियों का प्रमुख कारण माना जाता है। निवासियों का दावा है कि पिछले दो सप्ताह में 100 से अधिक लोग बीमार हुए हैं, जिनमें लगभग 70 बच्चे शामिल हैं।
स्थिति बिगड़ने के बाद अधिकांश परिवार एहतियात के तौर पर आरओ का पानी भी उबालकर पी रहे हैं। निवासी पवन ने बताया कि उनके परिवार के सभी सदस्य बीमार हैं। उनका आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद संबंधित एजेंसियों ने समय रहते कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।
एक अन्य निवासी नवल किशोर सिंह ने आरोप लगाया कि एओए ने ओवरहेड टैंकों की समय पर सफाई और पानी की नियमित जांच नहीं कराई। उनका कहना है कि यदि आवश्यक कदम पहले उठा लिए जाते, तो इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बीमार होने से बचा जा सकता था।
एओए के जनरल सेक्रेटरी गौतम भाटिया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निवासियों की शिकायत मिलते ही पानी की जांच कराई गई और रिपोर्ट प्राप्त होते ही ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण को इसकी जानकारी दे दी गई। उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में ओवरहेड टैंकों की सफाई कराना संभव नहीं है, इसलिए सितंबर के पहले सप्ताह से सफाई अभियान शुरू किया जाएगा।
मामले की सूचना मिलने के बाद ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम भी सोसायटी पहुंची। अधिकारियों ने पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। उनका कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।