दैनिक खबरनामा 9 मार्च 2026 चंडीगढ़ में भाजपा कार्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में पुलिस रिमांड के दौरान बड़ा खुलासा हुआ है। आरोपियों ने बताया कि उनकी शुरुआती योजना नवांशहर में हमला करने की थी, लेकिन वहां अधिक भीड़ होने के कारण प्लान बदल दिया गया। विदेशी हैंडलर ने उन्हें भीड़भाड़ वाले इलाके में हमला न करने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय को निशाना बनाया।बुधवार को गिरफ्तार सातों आरोपियों—गुरतेज सिंह, अमनप्रीत सिंह, बलविंदर लाल उर्फ शम्मी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रूबल चौहान और मंदीप उर्फ अभिजोत—को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।जांच में सामने आया कि आरोपी पहले चंडीगढ़ बस स्टैंड पहुंचे और वहां से ऑटो लेकर सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय पहुंचे। इसके बाद उन्हें फोन पर पंजाब भाजपा कार्यालय जाने का निर्देश मिला। आरोपियों ने गूगल पर सर्च कर पता निकाला और शाम करीब साढ़े चार बजे वहां पहुंच गए। वारदात से पहले विदेशी हैंडलर ने उन्हें फोन पर ग्रेनेड का पिन निकालने और इस्तेमाल करने की जानकारी दी, जिसके बाद उन्होंने हमला किया और मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद आरोपी बस के जरिए खरड़ पहुंचे और फिर घर लौट गए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद वे घबरा गए और अगली सुबह फरार हो गए। भागते हुए वे लुधियाना, पटियाला, अंबाला और हिसार होते हुए खाटू श्याम पहुंचे, जहां उन्होंने माथा टेका। इसके बाद हरियाणा के रेवाड़ी में एजीटीएफ की सूचना पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।जांच में यह भी सामने आया कि विदेशी हैंडलर ने आरोपियों को कुल 2 लाख रुपये का लालच दिया था, लेकिन उन्हें अभी तक केवल 2 से 2.5 हजार रुपये ही मिले थे। गिरफ्तारी के बाद हैंडलर ने उनके नंबर भी ब्लॉक कर दिए। पुलिस के अनुसार गुरतेज सिंह इस साजिश का मुख्य आरोपी है, जो पिछले तीन साल से चंडीगढ़ में रह रहा था। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।