दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़, 16 जून 2026. अमेरिका में पंजाब एमएलए हॉस्टल के विरासती फर्नीचर की कथित नीलामी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने इस मामले का गंभीर संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन से संबंधित फर्नीचर की विस्तृत कस्टडी रिपोर्ट तलब की है।
इस संबंध में स्पीकर संधवां ने केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना था कि उक्त विरासती फर्नीचर की जिम्मेदारी और कस्टडी किस विभाग अथवा संस्था के पास थी तथा इसके रखरखाव और संरक्षण के लिए कौन जवाबदेह था।
स्पीकर ने कहा कि एमएलए हॉस्टल का यह फर्नीचर केवल सरकारी संपत्ति नहीं, बल्कि पंजाब और चंडीगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने बताया कि ऐसे विरासती फर्नीचर का रिकॉर्ड यूटी प्रशासन द्वारा संरक्षित रखा जाता है और यह पंजाब, हरियाणा सरकारों तथा चंडीगढ़ प्रशासन की विभिन्न संस्थाओं की निगरानी के दायरे में आता है।
कुलतार सिंह संधवां ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मामले की पूरी जांच कराई जाएगी और यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विरासत से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
स्पीकर ने कहा कि चंडीगढ़ की विशिष्ट वास्तुकला, ऐतिहासिक धरोहर और विरासती संपत्तियों का संरक्षण सभी संबंधित संस्थाओं की जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रकार की घटनाएं शहर की पहचान और ऐतिहासिक महत्व को नुकसान पहुंचाती हैं, इसलिए दोषियों की जवाबदेही तय करना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की गहन जांच के बाद सच्चाई सामने लाई जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।