दैनिक खबरनामा 28 अप्रैल 2026 हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित करने से पहले विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी डिजिटल सुविधा शुरू करने की तैयारी की है। बोर्ड पहली बार सर्टिफिकेट पर क्यूआर कोड अंकित करेगा।इस क्यूआर कोड को स्कैन करते ही परीक्षार्थी का पूरा एकेडमिक रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हो जाएगा, जिससे सर्टिफिकेट की सत्यता कुछ ही सेकंड में जांची जा सकेगी। अब तक सत्यापन के लिए संस्थानों को लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद मोबाइल या स्कैनर के जरिए तुरंत वेरिफिकेशन संभव होगा।बोर्ड की योजना है कि सत्र 2025-26 से जारी होने वाले सभी सर्टिफिकेट पर यह सुविधा अनिवार्य रूप से लागू की जाए। जैसे ही कोई कॉलेज, यूनिवर्सिटी या सरकारी विभाग क्यूआर कोड स्कैन करेगा, संबंधित छात्र की जानकारी सीधे बोर्ड के आधिकारिक डिजिटल रिकॉर्ड से सामने आ जाएगी।इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फर्जी सर्टिफिकेट पर काफी हद तक रोक लगेगी। चूंकि हर सर्टिफिकेट बोर्ड के डिजिटल डाटाबेस से जुड़ा होगा, इसलिए उसमें छेड़छाड़ या नकली दस्तावेज तैयार करना आसान नहीं रहेगा।यह सुविधा खासतौर पर उन विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद होगी जो उच्च शिक्षा, सरकारी नौकरियों या विदेश में एडमिशन के लिए आवेदन करते हैं, जहां दस्तावेजों का सत्यापन अक्सर लंबा समय लेता है।बोर्ड अधिकारियों के अनुसार, इस नई तकनीक को पूरी तरह सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए आधुनिक डिजिटल सिक्योरिटी मानकों का उपयोग किया जाएगा।गौरतलब है कि इस वर्ष 10वीं के 93,564 और 12वीं के 81,411 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी है। इस तरह कुल 1,74,975 छात्रों के सर्टिफिकेट इस डिजिटल सुरक्षा कवच के दायरे में आएंगे।
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