राजस्थान 31 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) राजस्थान
जयपुर–दिल्ली हाईवे से सटी सड़वा मैन रोड पर कानून और प्रशासनिक नियमों को खुलेआम दरकिनार कर एक अवैध होटल व मैरिज हॉल ‘हिल पैलेस’ का संचालन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि बिना नगर निगम जयपुर की एनओसी, फायर डिपार्टमेंट की अनुमति के बिना और सुरक्षा के किसी पुख्ता इंतजाम के बिना यह मैरिज हॉल लंबे समय से व्यावसायिक रूप से संचालित किया जा रहा है।स्थानीय सूत्रों के अनुसार, हाईवे से लगी पहाड़ी को अवैध रूप से काटकर भू-माफियाओं ने पहले निर्माण किया और अब खुलेआम आयोजन कर मोटी कमाई की जा रही है। यह पूरा निर्माण न केवल पर्यावरण नियमों का उल्लंघन है, बल्कि जन सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बना हुआ है।फायर और सुरक्षा मानकों की अनदेखी सूत्र बताते हैं कि होटल व मैरिज हॉल में फायर सेफ्टी एनओसी तक नहीं ली गई। न तो अग्निशमन उपकरणों की व्यवस्था है और न ही आपातकालीन निकास मार्ग। ऐसे में किसी भी बड़े आयोजन के दौरान हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।प्रशासन की चुप्पी पर सवाल सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि जब निर्माण पूरी तरह अवैध है तो नगर निगम, फायर विभाग और संबंधित प्रशासन अब तक मौन क्यों है? स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ अधिकारियों की मिलीभगत और संरक्षण के बिना संभव नहीं हो सकता।पर्यावरण को भी पहुंच रहा नुकसान
हाईवे से सटी पहाड़ी काटकर निर्माण किए जाने से भू-स्खलन और पर्यावरणीय असंतुलन का खतरा भी बढ़ गया है। नियमों के अनुसार पहाड़ी क्षेत्र में इस तरह का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है, लेकिन यहां नियम केवल कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं।स्थानीय लोगों में रोष इलाके के लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि आम नागरिकों पर तो कार्रवाई तुरंत होती है, लेकिन रसूखदारों के खिलाफ प्रशासन हाथ खड़े कर देता है।किसके संरक्षण में चल रहा अवैध कारोबार?अब सवाल यह है कि किसके संरक्षण में यह अवैध होटल व मैरिज हॉल चल रहा है?क्या नगर निगम जयपुर, फायर डिपार्टमेंट और जिला प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध निर्माण को तत्काल सील किया जाए, दोषी अधिकारियों और भू-माफियाओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो और आम लोगों की जान से हो रहे इस खिलवाड़ को तुरंत रोका जाए।