दैनिक खबरनामा। जम्मू, 20 जुलाई:  आने वाले समय में जम्मू की पहचान पूरी तरह बदलने वाली है। बढ़ती आबादी और तेजी से फैलते शहर की जरूरतों को देखते हुए सरकार ने जम्मू का विस्तार करने का बड़ा खाका तैयार किया है। नए प्रस्ताव के तहत शहर के साथ करीब 125 वर्ग किलोमीटर के अतिरिक्त ग्रामीण क्षेत्र को जोड़ने की योजना है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही जम्मू का कुल क्षेत्रफल 652 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 777.84 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा।

अधिकारियों के अनुसार इस योजना को अंतिम रूप देने से पहले लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जा चुकी हैं। अब सिर्फ कैबिनेट की मंजूरी बाकी है, जिसके बाद मैदान में काम शुरू हो जाएगा।

मास्टर प्लान 2032 में क्या है खास

1. शहर का फैलाव

मौजूदा दायरे में 125.51 वर्ग किलोमीटर का इजाफा होगा। इससे जम्मू देश के बड़े और नियोजित शहरों में गिना जाएगा।

2. 351 गांव होंगे शामिल

जम्मू और सांबा जिले के 351 राजस्व गांव इस योजना में जोड़े जाएंगे। इनमें जम्मू जिले के 262 और सांबा के 89 गांव शामिल हैं। मढ़ और मंडला तहसील के सीमावर्ती गांव इस विस्तार का अहम हिस्सा हैं।

3. 2032 तक की तैयारी

योजना को 2032 की अनुमानित 20.50 लाख आबादी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें बिजली, पानी, सड़क, परिवहन और हरियाली वाले क्षेत्रों का पूरा ध्यान रखा गया है।

गांव और शहरवासियों को क्या मिलेगा

1. स्मार्ट सुविधाएं

नए जुड़ने वाले इलाकों में शुरुआत से ही स्मार्ट स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी, वाई-फाई जोन और डिजिटल सेवा केंद्र लगाए जाएंगे।

2. बेहतर सड़क और जल निकासी

जलभराव की दिक्कत खत्म करने के लिए आधुनिक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और नया ड्रेनेज नेटवर्क बनेगा। मुख्य शहर से संपर्क के लिए नई सड़कों का जाल भी बिछाया जाएगा।

3. आवास और जमीन

शहर का दायरा बढ़ने से रियल एस्टेट में तेजी आने की संभावना है। जम्मू विकास प्राधिकरण यानी JDA सुनियोजित आवासीय कॉलोनियां बसाएगा, जिससे घर खरीदने वालों को नए विकल्प मिलेंगे।

4. रोजगार के अवसर

प्लान में 44.52 वर्ग किलोमीटर जमीन व्यावसायिक उपयोग के लिए और 14.38 वर्ग किलोमीटर जमीन औद्योगिक क्षेत्र के लिए आरक्षित की गई है। यह कुल क्षेत्रफल का क्रमशः 5.72 प्रतिशत और 1.84 प्रतिशत है। नए बाजार, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और इंडस्ट्रियल हब बनने से स्थानीय युवाओं को नौकरी मिलेगी।

मंजूरी में देरी क्यों हुई

अधिकारियों ने बताया कि अंतिम मंजूरी में देरी की वजह राजस्व गांवों की सीमा तय करना, जमीन के उपयोग से जुड़ी विसंगतियां दूर करना और राजस्व व वन विभाग के आंकड़ों का मिलान करना था। अब यह सभी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है।

विस्तार की जरूरत क्यों पड़ी

पिछले कुछ सालों में जम्मू पर आबादी और ट्रैफिक का दबाव काफी बढ़ा है। रोजगार, पढ़ाई और इलाज के लिए आसपास के इलाकों से लोग शहर की तरफ आ रहे हैं। कई गांव तेजी से कस्बे में बदल रहे हैं, लेकिन वहां सीवर, चौड़ी सड़क और व्यवस्थित जल निकासी जैसी सुविधाएं अब भी पुराने स्तर पर हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अगले 20-25 साल की जरूरतों के हिसाब से जमीन का सुनियोजित उपयोग तय किया गया है।

जेडीए के एसटीए रविंद्र के मुताबिक सरकार से सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है। अब कैबिनेट की अंतिम मोहर लगते ही काम तेज गति से शुरू कर दिया जाएगा।

इस विस्तार के बाद जुड़ने वाले गांवों में नगर निगम और जेडीए के तहत व्यवस्थित विकास होगा। सड़कें चौड़ी होंगी, कचरा प्रबंधन बेहतर होगा, सार्वजनिक परिवहन के नए रूट शुरू होंगे और जमीनों के दाम बढ़ने से स्थानीय लोगों को आर्थिक फायदा भी मिलेगा।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

तीसरे दिन भी नहीं थमी सफाई कर्मियों की हड़ताल, शहरों में बढ़ी गंदगी से जनजीवन प्रभावित

दैनिक खबरनामा। ऊधमपुर, 31 मई : नगर परिषद और नगर पालिका के…
Share to :

पाक समर्थित हवाला जाल पर बड़ी चोट, जम्मू-कश्मीर में तीन लोग गिरफ्तार

दैनिक खबरनामा। जम्मू 31 मई: कठुआ में आतंकी गतिविधियों को आर्थिक सहायता…
Share to :

जम्मू-कश्मीर SI भर्ती: ओवरएज अभ्यर्थियों को बड़ा झटका, CAT ने आयु सीमा में छूट की मांग ठुकराई

दैनिक खबरनामा | जम्मू, 1 जून : जम्मू-कश्मीर पुलिस में सब-इंस्पेक्टर (एसआई)…
Share to :

नशे और नार्को आतंक के विरुद्ध जम्मू-कश्मीर में सख्त अभियान, पचास दिनों में एक हजार से अधिक तस्कर दबोचे

दैनिक खबरनामा। श्रीनगर 31 मई : जम्मू-कश्मीर में नशे के कारोबार और…
Share to :