दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 27 अक्टूबर 2026. पंजाब राज्य सूचना आयोग की ओर से प्रकाशित और राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू द्वारा लिखित पुस्तक ‘आरटीआई एंड गुड गवर्नेंस’ मंगलवार को पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया को लोक भवन, चंडीगढ़ में भेंट की गई। राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त इंदरपाल सिंह धन्ना ने हरप्रीत संधू और पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (सुशासन) डी.के. तिवारी की मौजूदगी में राज्यपाल को यह पुस्तक सौंपी।
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन के 21 वर्ष पूरे होने के अवसर पर समर्पित यह पुस्तक प्रशासन में पारदर्शिता, जवाबदेही, नागरिक सशक्तीकरण और सुशासन के महत्व को रेखांकित करती है। इसमें बताया गया है कि किस तरह आरटीआई व्यवस्था सार्वजनिक प्रशासन को मजबूत करने और नागरिकों की जागरूक भागीदारी को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पुस्तक की सराहना करते हुए इसे पंजाब राज्य सूचना आयोग की सकारात्मक पहल बताया। उन्होंने आरटीआई अधिनियम, 2005 के प्रभावी क्रियान्वयन और सुशासन को मजबूत बनाने में ऐसी पहलों के महत्व को रेखांकित किया।
पुस्तक में भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया तथा भारत के मुख्य सूचना आयुक्त राज कुमार गोयल के विशेष संदेश शामिल हैं। इसके अलावा, भारत के पहले मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह और पंजाब के पहले मुख्य सूचना आयुक्त राजन कश्यप ने भी पुस्तक की सराहना की है।
पंजाब राज्य सूचना आयोग के संरक्षण में तैयार इस पुस्तक का उद्देश्य आम लोगों में सूचना के अधिकार के प्रति जागरूकता बढ़ाना, अधिनियम के जिम्मेदार और प्रभावी इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना तथा सार्वजनिक संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही की संस्कृति को मजबूत करना है।
इस अवसर पर सूचना का अधिकार अधिनियम के पिछले 21 वर्षों की उपलब्धियों पर विचार-विमर्श करने के साथ-साथ जनहित में इसके प्रभावी क्रियान्वयन की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।