दैनिक खबरनामा 28 अप्रैल 2026 कनाडा के चर्चित हंबोल्ट ब्रोंकोस बस हादसे के दोषी ट्रक ड्राइवर जसकीरत सिंह सिद्धू को फेडरल कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने उनकी भारत डिपोर्टेशन पर इमरजेंसी रोक लगा दी है। सिद्धू को 2019 में 8 साल की सजा सुनाई गई थी और सजा पूरी होने के बाद उन्हें देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया चल रही थी। हालांकि, अब कोर्ट इस मामले को मानवीय आधार पर दोबारा देख रहा है।यह हादसा 6 अप्रैल 2018 को हुआ था, जब सिद्धू ने ‘स्टॉप साइन’ को नजरअंदाज कर ट्रक को तेज रफ्तार में आगे बढ़ाया और वह जूनियर हॉकी टीम की बस से टकरा गया। इस भीषण टक्कर में 16 लोगों की मौत हो गई और 13 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कनाडा के इतिहास के सबसे दुखद सड़क हादसों में से एक मानी जाती है।
सिद्धू के वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उनके छोटे बेटे को दिल और फेफड़ों की गंभीर बीमारी है और भारत का प्रदूषण उसके लिए खतरनाक हो सकता है। साथ ही यह भी कहा गया कि सिद्धू का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उन्होंने अपने अपराध पर गहरा पछतावा जताया है।वहीं, सरकारी पक्ष ने कहा कि कनाडा के कानून के अनुसार 6 महीने से अधिक सजा पाने वाला स्थायी निवासी (PR) देश में रहने का अधिकार खो देता है, इसलिए सिद्धू का डिपोर्ट होना जरूरी है।मृतकों के परिजनों ने भी कोर्ट से अपील की कि कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए और बार-बार की अपील से उनका दर्द बढ़ता है। फिलहाल कोर्ट ने अस्थायी रोक लगाई है और अंतिम फैसला आना बाकी है।