दैनिक खबरनामा। नई दिल्ली, 11 अगस्त: कर्नाटक सरकार ने होटल, रेस्तरां, कैंटीन और कैटरिंग का काम करने वालों के लिए नए नियमों की गाइडलाइन जारी कर दी है। राज्य के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त ने 11 अगस्त, 2026 को यह एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि अब स्वच्छता और फूड सेफ्टी के मानकों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी।
विभाग ने साफ किया है कि जांच अभियान तेज कर दिया गया है। खाना बनाने से लेकर उसे स्टोर करने, ले जाने और कचरा निपटाने तक हर स्टेज पर निगरानी होगी। अगर कोई प्रतिष्ठान नियम तोड़ता पाया गया तो उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2011 के तहत कार्रवाई होगी। गंभीर लापरवाही पर जुर्माने के साथ-साथ दुकान को सील भी किया जा सकता है। यह एडवाइजरी सभी जिलों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को भेजी जा चुकी है और तुरंत अमल के निर्देश दिए गए हैं।
साफ-सफाई और स्टाफ की हाइजीन पर फोकस
– होटल-रेस्तरां के अंदर और किचन की नियमित सफाई अनिवार्य होगी। खाने के संपर्क में आने वाली मेज, बर्तन और मशीनों को रोजाना धोना पड़ेगा।
– स्टाफ को साफ वर्दी, सिर ढकने वाली टोपी और दस्ताने पहनना जरूरी होगा। साथ ही निजी स्वच्छता का भी ध्यान रखना होगा।
– सभी कर्मचारियों की समय-समय पर मेडिकल जांच करानी होगी। बीमार व्यक्ति को खाना बनाने या परोसने का काम नहीं दिया जाएगा।
– हाथ धोने की सुविधा हर जगह रखनी होगी।
– हर फूड बिजनेस में FoSTaC से प्रशिक्षित फूड सेफ्टी सुपरवाइजर की नियुक्ति करना भी जरूरी कर दिया गया है।
कच्चा-पक्का अलग, तापमान का भी ध्यान
एडवाइजरी में क्रॉस-कंटेमिनेशन रोकने पर खास जोर है। कच्ची सब्जी, मांस और पके हुए खाने को अलग-अलग बर्तन और कंटेनर में रखना होगा। शाकाहारी और मांसाहारी भोजन के लिए भी अलग बर्तन इस्तेमाल करने होंगे।
तापमान को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं:
– गर्म भोजन 60°C से ऊपर रखा जाए
– ठंडा भोजन 4°C से नीचे
– फ्रोजन आइटम -18°C से कम तापमान पर स्टोर हों
एक्सपायर्ड सामान और तेल पर बैन
खाना बनाने में सिर्फ अच्छी क्वालिटी का कच्चा माल इस्तेमाल हो। सामान को साफ और सही जगह पर स्टोर करना होगा। एक्सपायर हो चुके या खराब प्रोडक्ट को तुरंत नष्ट करना पड़ेगा। हर प्रोडक्ट पर सही लेबल और जानकारी देना भी जरूरी है।
अगर खाने में फफूंद लग गई है तो उसे तुरंत फेंकना होगा। जिन व्यंजनों में एलर्जी वाले तत्व हैं उसकी जानकारी मेन्यू या डिस्प्ले पर देनी होगी। जहां जरूरी हो वहां पोषण संबंधी जानकारी भी उपलब्ध करानी होगी।
कुकिंग में इस्तेमाल हो चुके तेल को दोबारा इस्तेमाल करने पर पूरी तरह रोक है। पुराने तेल का निपटारा सिर्फ अधिकृत एजेंसियों के जरिए ही किया जा सकेगा। कचरा खुले में नहीं फेंका जाएगा। डस्टबिन ढका होना चाहिए और कचरे को रोज हटाना होगा।
पानी, टॉयलेट और कीट नियंत्रण
खाना बनाने और बर्तन धोने के लिए सिर्फ पीने लायक पानी इस्तेमाल होगा। पानी की टंकियों की सफाई और जांच समय-समय पर करानी होगी। स्टाफ और ग्राहकों के लिए साफ शौचालय और हाथ धोने की व्यवस्था रखना अनिवार्य है। साथ ही हर प्रतिष्ठान में नियमित पेस्ट कंट्रोल कराकर उसे कीट-मुक्त रखना होगा।
फूड ट्रांसपोर्ट के नियम
खाना ले जाने वाले वाहनों को साफ और ढका हुआ रखना होगा। कच्चे और पके खाने की ढुलाई अलग-अलग करनी होगी। ट्रांसपोर्ट के दौरान भी खाने की प्रकृति के हिसाब से तय तापमान बनाए रखना जरूरी होगा।
आयुक्त ने कहा कि राज्य भर में औचक निरीक्षण चलते रहेंगे। सभी होटल, रेस्तरां, कैंटीन और कैटरिंग इकाइयों को इन निर्देशों का तुरंत पालन करना होगा। नियम न मानने पर कानूनी कार्रवाई, भारी जुर्माना और प्रतिष्ठान बंद करने तक की नौबत आ सकती है।