दैनिक खबरनामा 31 मार्च 2026 ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण LPG गैस सप्लाई पर असर पड़ा है, लेकिन लुधियाना की कपड़ा इंडस्ट्री ने इसका असर अपने काम पर नहीं पड़ने दिया। यहां के उद्यमियों ने LPG के बजाय एग्रो वेस्ट को फ्यूल के रूप में अपनाकर संकट का समाधान निकाल लिया है।
कुछ साल पहले सरकार ने इंडस्ट्री को LPG पर शिफ्ट होने के लिए दबाव डाला था, लेकिन उद्यमियों ने पराली और राइस हस्क (धान का भूसा) को ईंधन के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। आज यही फैसला उनके लिए फायदे का सौदा साबित हो रहा है। शहर की 400 से अधिक यूनिट्स में से करीब 100 यूनिट्स एग्रो वेस्ट पर चल रही हैं, जिससे गैस की कमी के बावजूद उत्पादन प्रभावित नहीं हुआ।पहले फैक्ट्रियों में कोयला और रबड़ जलाकर स्टीम बनाई जाती थी, जिससे प्रदूषण बढ़ता था। अब उसी भट्टी में पराली या ब्रिकेट/पैलेट के रूप में एग्रो वेस्ट जलाया जा रहा है। यह ईंधन स्थानीय स्तर पर आसानी से मिल जाता है और इसकी कीमत करीब 4 रुपए प्रति किलो है, जिससे लागत LPG के मुकाबले लगभग आधी रह जाती है।उद्यमियों का कहना है कि अगर सरकार गोबर को भी इंडस्ट्रियल फ्यूल के रूप में बढ़ावा दे, तो LPG पर निर्भरता और कम हो सकती है। इसके साथ ही वे चीन और ताइवान के क्लस्टर मॉडल को अपनाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं।